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युवाओं के अधिकारों की लड़ाई में कांग्रेस साथ खड़ी : सचिन पायलट

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युवाओं के अधिकारों की लड़ाई में कांग्रेस साथ खड़ी : सचिन पायलट


जयपुर, 18 जुलाई (हि.स.)। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि देश के नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। पेपर लीक जैसी घटनाएं संगठित तंत्र का परिणाम हैं और इसकी जवाबदेही शीर्ष स्तर पर तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की मांग पूरी तरह न्यायसंगत है और सरकार को पारदर्शी परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

शनिवार को जयपुर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर एनएसयूआई के देशव्यापी अभियान 'छात्रों की गूंज' के तहत आयोजित 'छात्र-संविधान संवाद' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पायलट ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था, विविधता और संविधान है। देश को आगे बढ़ाने के लिए हर वर्ग की आवाज सुनना और असहमति का सम्मान करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं के भविष्य को लेकर पूरे देश में गहरी चिंता है। गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन बार-बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और मूल्यांकन में गड़बड़ियों से युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास कमजोर हुआ है।

पायलट ने कहा कि देश ऐतिहासिक बेरोजगारी के दौर से गुजर रहा है। उच्च शिक्षित युवा भी छोटी-छोटी नौकरियों के लिए आवेदन करने को मजबूर हैं, जबकि रोजगार के अवसर लगातार कम होते जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट सहित विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं के बावजूद सरकार जवाबदेही तय करने में विफल रही है।

इस दौरान पायलट ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए केंद्र सरकार पर संवाद के बजाय दमनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में उनकी सेहत को लेकर चिंतित थी तो सबसे पहले उनकी मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए था।

राजस्थान में पंचायत, निकाय एवं छात्रसंघ चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार बहाने बनाकर चुनाव टालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय की फटकार के बावजूद सरकार चुनाव कराने से बच रही है, क्योंकि उसे जनता के जनादेश का भय है।

पायलट ने कहा कि वर्तमान सरकार जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है और महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसे विषयों पर ठोस जवाब देने से बच रही है। उन्होंने मनरेगा, सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकारों ने आमजन के हित में मजबूत कानून बनाए थे, लेकिन आज उन योजनाओं को कमजोर किया जा रहा है।

उन्होंने राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में भी पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।

पायलट ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य किसी भी राजनीतिक स्वार्थ से बड़ा है और सरकार की पहली जिम्मेदारी उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली तथा सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है, जबकि आवश्यकता संविधान की भावना के अनुरूप पारदर्शी और जवाबदेह शासन की है।

उन्होंने कहा कि देश का युवा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और न्याय, पारदर्शिता तथा जवाबदेही की इस लड़ाई में कांग्रेस पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश