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एसआईआर पर चर्चा से भागेगी कांग्रेस, उसके पास न सच है और न ठोस मुद्दा : अश्विनी वैष्णव

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एसआईआर पर चर्चा से भागेगी कांग्रेस, उसके पास न सच है और न ठोस मुद्दा : अश्विनी वैष्णव


जयपुर, 5 नवंबर (हि.स.)। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक प्रक्रियाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस एसआईआर पर संसद में चर्चा से बचने के लिए वॉकआउट करेगी, क्योंकि उसके पास न सच है और न ही कोई ठोस मुद्दा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र का मूल आधार है और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) संविधान के अनुरूप निर्धारित प्रक्रिया है, जो वर्ष 1947 के बाद से कई बार अपनाई जा चुकी है।

वैष्णव बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को वर्षों की मेहनत, कानूनों, संसद और देश के नागरिकों के योगदान से मजबूत बनाया गया है। कांग्रेस इन संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाकर लोकतंत्र और संविधान की मर्यादा को प्रभावित कर रही है। भाजपा और एनडीए ने इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने का निर्णय किया है।

केंद्रीय मंत्री ने एसआईआर, ईवीएम और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस से छह सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया पहले भी होती रही है, ऐसे में कांग्रेस को अब इस पर सवाल उठाने का क्या औचित्य है? उन्होंने कहा कि ईवीएम कांग्रेस की सरकार के कार्यकाल में लाई गई थीं। इनके आने से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी और बूथ लूटने तथा मतपेटियों में गड़बड़ी जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिली। ऐसे में कांग्रेस अब ईवीएम पर सवाल क्यों उठा रही है?

वैष्णव ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की कांग्रेस की मांग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग पर एमएलसी चुनाव बैलेट पेपर से कराए गए। यदि इसके बावजूद कांग्रेस सीटें नहीं जीत पाई तो क्या वह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की अपनी मांग वापस लेगी? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या कांग्रेस चाहती है कि गैर-नागरिकों के नाम मतदाता सूची में रहें, दिवंगत व्यक्तियों के नाम नहीं हटाए जाएं और एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज रहे?

केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वह वास्तव में संविधान में विश्वास करती है और क्या संसद में सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है? उन्होंने कहा कि संविधान के तहत गठित संस्थाओं का सम्मान करना और निर्धारित प्रक्रियाओं को मजबूत करना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।

वैष्णव ने कहा कि संसद देश की सबसे बड़ी पंचायत और संविधान द्वारा स्थापित महत्वपूर्ण संस्था है। सरकार सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है। कांग्रेस एसआईआर पर चर्चा चाहती है तो संसद में अपनी मांग रखे। आवश्यकता पड़ने पर विशेष सत्र बुलाने से भी सरकार पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले भी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग करती रही है, लेकिन चर्चा के दौरान उसके नेता सदन से बाहर चले जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर पर चर्चा के दौरान भी कांग्रेस वॉकआउट करेगी।

केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास का उल्लेख करते हुए 1975 के आपातकाल, कैबिनेट में स्वीकृत अध्यादेश को प्रेस क्लब में फाड़ने और राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के गठन का हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने समय-समय पर संवैधानिक व्यवस्थाओं से अलग समानांतर व्यवस्थाएं खड़ी करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति वोट बैंक पर केंद्रित रही है, जबकि अब देश की जनता विकास की राजनीति चाहती है।

वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के 140 करोड़ नागरिक समृद्ध, सशक्त और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक प्रक्रियाओं का सम्मान करना सभी राजनीतिक दलों का दायित्व है।

प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी, मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा और प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रमोद वशिष्ठ उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश