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स्थानीय निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस में खुली बगावत पायलट खेमे ने डीसीसी को नकारा

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स्थानीय निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस में खुली बगावत पायलट खेमे ने डीसीसी को नकारा


अजमेर, 07 अगस्त (हि.स.)। स्थानीय निकाय चुनाव से ठीक पहले अजमेर कांग्रेस में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट समर्थक नेताओं ने शहर जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) के गठन पर तीखा हमला बोलते हुए इसे पूरी तरह खारिज कर दिया। कांग्रेस कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में जुटे नेताओं ने आरोप लगाया कि संगठन में योग्य और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर बंद कमरे में मनमाने ढंग से नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते स्थिति नहीं सुधरी तो निकाय चुनाव में कांग्रेस को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन ने खुलकर आरोप लगाया कि धर्मेंद्र सिंह राठौड़ वर्षों तक शहर में समानांतर कांग्रेस चलाते रहे और पार्टी को कमजोर करने का काम करते रहे। उन्होंने कहा कि उस समय अजमेर क्लब समानांतर गतिविधियों का केंद्र बना हुआ था और उन्हें डॉ राजकुमार जयपाल का संरक्षण प्राप्त था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को गुमराह कर वर्तमान शहर कांग्रेस कमेटी की घोषणा करवा दी गई।

दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे हेमंत भाटी ने भी डीसीसी गठन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन लोगों को पदाधिकारी बनाया गया है, उनमें से कई को पिछले दस वर्षों में न तो किसी वार्ड कार्यक्रम में देखा गया और न ही बूथ स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के भरोसे कांग्रेस चुनाव कैसे जीतेगी?

भाटी ने दावा किया कि 'असली कांग्रेस' आज कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच दिखाई दी, जबकि समर्पित और पुराने कांग्रेसजनों की पूरी तरह उपेक्षा की गई। बैठक में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि संगठन निर्माण के नाम पर कांग्रेस की परंपरा और कार्यकर्ता सम्मान की अनदेखी की गई है। आरोप लगाया गया कि डीसीसी गठन से पहले कार्यकर्ताओं से आवेदन तो भरवाए गए, लेकिन अंतिम निर्णय बंद कमरे में बैठकर कर लिया गया। वरिष्ठ नेताओं, पूर्व पदाधिकारियों और वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं से कोई सलाह मशविरा नहीं किया गया। नेताओं ने कहा कि यदि कांग्रेस को निकाय चुनाव में भाजपा को चुनौती देनी है तो संगठन को एकजुट करना होगा। व्यक्तिगत पसंद नापसंद के आधार पर संगठन चलाने से पार्टी कमजोर होगी और इसका सीधा लाभभाजपा को मिलेगा। विजय जैन और हेमंत भाटी ने घोषणा की कि पूरे घटनाक्रम से प्रदेश नेतृत्व को अवगत कराया जाएगा तथा मांग की जाएगी कि संगठन में सभी वर्गों और जमीनी कार्यकर्ताओं को सम्मानजनक भागीदारी दी जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ताकत उसके कार्यकर्ता हैं और यदि उन्हीं की उपेक्षा होगी तो चुनावी परिणाम प्रभावित होना तय है। गौरतलब है कि कांग्रेस कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम की घोषणा दो दिन पहले ही सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से कर दी गई थी। प्रारंभिक अटकलों के विपरीत कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि वर्तमान डीसीसी को लेकर संगठन के भीतर गहरा असंतोष है। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि संगठन पर एकतरफा नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की जा रही है तथा कार्यकर्ताओं की स्वतंत्र राजनीतिक गतिविधियों पर अनावश्यक प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। वक्ताओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि कांग्रेस को निकाय चुनाव में मजबूती से उतरना है तो संगठन को बंद कमरों से निकालकर कार्यकर्ताओं के बीच ले जाना होगा, अन्यथा अंदरूनी असंतोष चुनाव में पार्टी के लिए भारी पड़ सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष