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जातिगत जनगणना में जाति-वर्ग के अलग कॉलम हों: देवेंद्र यादव

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जातिगत जनगणना में जाति-वर्ग के अलग कॉलम हों: देवेंद्र यादव


जयपुर, 05 सितंबर (हि.स.)। जातिगत जनगणना में जाति और वर्ग की स्पष्ट एवं एकरूप जानकारी दर्ज किए जाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में आयोजित एआईसीसी की विशेष प्रेस वार्ता में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि डिजिटल तरीके से होने वाली जनगणना में जाति और वर्ग की जानकारी दर्ज करने के लिए अलग-अलग कॉलम और ड्रॉपडाउन मेन्यू की व्यवस्था की जानी चाहिए।

यादव ने कहा कि जातिगत जनगणना की मांग को कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार सड़क से संसद तक उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, सरकारी योजनाओं और संसाधनों का लाभ समाज के वंचित वर्गों तक पहुंचाने के लिए वास्तविक जातिगत आंकड़े जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जातिगत जनगणना कराने की घोषणा तो की, लेकिन इसकी प्रक्रिया को लेकर शुरू से ही आशंकाएं बनी हुई हैं।

उन्होंने बताया कि 22 जनवरी 2026 को जारी जनगणना संबंधी अधिसूचना के बिंदु संख्या 12 में परिवार के मुखिया के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य वर्ग से संबंधित होने की जानकारी पूछे जाने का उल्लेख है। कांग्रेस का आरोप है कि इसमें व्यक्ति की वास्तविक जाति की जानकारी दर्ज करने का स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है।

यादव ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार द्वारा यह कहा जा रहा है कि पहले घरों की गणना होगी और अगले चरण में जाति संबंधी जानकारी ली जाएगी। पार्टी ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनगणना डिजिटल माध्यम से हो रही है, ऐसे में प्रश्नावली में आवश्यक प्रावधान अभी से जोड़े जा सकते हैं।

यादव ने उदाहरण देते हुए कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में एक ही जाति अलग-अलग नामों से जानी जाती है। सैनी और माली तथा यादव और अहीर जैसे नामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि जातियों की जानकारी अलग-अलग नामों में दर्ज होगी तो वास्तविक आंकड़ों का एकरूप विश्लेषण मुश्किल होगा।

कांग्रेस ने मांग की है कि डिजिटल जनगणना में दो अलग-अलग कॉलम रखे जाएं। पहले कॉलम में व्यक्ति के वर्ग और दूसरे में उसकी जाति की जानकारी दर्ज हो। इसके लिए जातियों की सूची का ड्रॉपडाउन मेन्यू उपलब्ध कराया जाए, ताकि अलग-अलग नामों के कारण आंकड़ों में विसंगति न रहे।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के पास उपलब्ध जातिगत आंकड़ों तथा विभिन्न आयोगों की सूचियों के आधार पर ऐसी व्यवस्था तैयार की जा सकती है। यदि जनगणना में व्यक्ति की वास्तविक जाति और वर्ग की जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं हुई तो जातिगत जनगणना का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से प्रक्रिया में आवश्यक बदलाव कर स्पष्ट और वास्तविक जातिगत आंकड़े जुटाने की मांग की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश