जयपुर नगर निगम चुनाव: कांग्रेस ने जारी की सभी 150 वार्डों के प्रत्याशियों की सूची
जयपुर, 31 अगस्त (हि.स.)। जयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को सभी 150 वार्डों के प्रत्याशियों की पूरी सूची जारी कर दी। इससे पहले पार्टी की ओर से विधानसभा क्षेत्रवार सूचियां जारी की जा रही थीं। सूची जारी होने के साथ ही विद्याधर नगर से आमेर तक सभी वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट हो गई है। भाजपा पहले ही अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर चुकी है। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों की तस्वीर साफ होने के साथ ही अधिकांश वार्डों में सीधा मुकाबला तय माना जा रहा है।
कांग्रेस ने जयपुर के 10 विधानसभा क्षेत्रों के तहत 150 वार्डों में प्रत्याशी उतारे हैं। इनमें विद्याधर नगर, झोटवाड़ा, सांगानेर, बगरू, मालवीय नगर, सिविल लाइंस, किशनपोल, आदर्श नगर, हवामहल और आमेर विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
वार्ड 1 से 22 तक कांग्रेस ने नवरतन शर्मा, मनीराज सिंह, छगन कुलदीप, कविता अजमेरा, सुमित शर्मा, मधुबाला शर्मा, पूनम तिवारी, रुचिका सोनी, कैलाशी देवी, वंदना जाखड़, प्रेम सिंह, पंकज सैनी, धनराज सिनोदिया, हाकिम सिंह, बद्री कुमावत, राजेश अत्री, भूपेंद्र सिंह, वंदिता शर्मा, फारुख खान, मोनिका सैनी, राकेश लाटा और करणवीर सिंह शेखावत को प्रत्याशी बनाया है।
वार्ड 23 से 37 तक अजीत सिंह, सुरेंद्र कुमार शर्मा, रेखा देवी सैनी, अनीता, कालूराम यादव, रविंद्र सिंह शेखावत, सत्यनारायण शर्मा, रवीन, जय कुमार जैन, सीमा शर्मा, प्रियंका यादव, सुरेश, अनिल, रतन चोपड़ा और देवी लाल कसोटिया को टिकट दिया गया है।
वार्ड 38 से 58 तक रामसिंह चौधरी, अजय सैनी, मनीष शर्मा, पंकज वर्मा, चंद्रवीर सिंह, आशीष शर्मा, विनय प्रताप भोपार, सुभाष नोनीवाल, हर्षिता जैन, दामोदर मीणा, बाबूलाल सैनी, धर्मसिंह सिंघानिया, निर्मला बैरवा, मनमोहन गुर्जर, हनुमान सैनी, राजीव चौधरी, प्रियंका बेड, संजय बड़ोदिया, शारदा चौधरी, शंकर अकड़ और रामप्यारी देवी प्रत्याशी हैं।
वार्ड 59 से 72 तक दुर्गा देवी, रामफूल मीणा, सुरेश मीणा, हरिराम शर्मा, प्रभुलाल बैरवा, कैलाश मीणा, मुकेश कुमार, महेश कराडिया, योगिता शर्मा, गीता मीणा, बीना देवी, उर्मिला शर्मा, फैज हसन और सुमन रमेश भाटी को प्रत्याशी बनाया गया है।
वार्ड 73 से 87 तक चिराग मिश्रा, विचार व्यास, सुनीता आडवाणी, प्रदीप जैन, किरण शर्मा, अभिषेक सैनी, प्रवीण बैरवा, हीना वाधवानी, राहुल तंवर, महेश यादव, सी.पी. कुमावत, भारत मेघवाल, महेंद्र पाल हिंगोनिया, तारा बेनीवाल और अर्चना शर्मा कांग्रेस प्रत्याशी हैं।
वार्ड 88 से 103 तक श्रुति भारद्वाज, प्रकाश बागड़ा, ममता जांगिड़, सीताराम मेहरा, उषा देवी, जितेंद्र शर्मा, संतोष सूद, मानवेंद्र सिंह, वसीम चौहान, महेंद्र प्रागपुरा, राजकुमार बागड़ा, सत्येंद्र राठौड़, विनिता कूलवाल, दुर्गेश शर्मा, शीला गुर्जर और मोहम्मद हनीफ को मैदान में उतारा गया है।
वार्ड 104 से 115 तक अब्दुल लतीफ कुरैशी, महेश तम्बोली, जुगल गुर्जर, खुशबू शर्मा, मेहरूनिशा, मोहम्मद अयूब, सुनीता मेठी, ज्वाला प्रसाद तिवाड़ी, आशीष शर्मा, गजनफर अली, मोहम्मद जकारिया और सुरेश बिवाल कांग्रेस प्रत्याशी हैं।
वार्ड 116 से 132 तक संजीदा/उमरदराज, संजीदा/गुलाम मुस्तफा, सुनीता मावर, इरफान कुरैशी, शीला सैनी, मुकेश विजय, राजकुमार संगतानी, अंजू, कांता/गिरिराज, मंजू बानो, सोफिया बानो, बादल शर्मा, मोहम्मद सोहेल मंसूरी, महेश कुमार सामरिया, आदित्य कौशिक, पुष्पेंद्र मीणा और दशरथ अटल को प्रत्याशी बनाया गया है।
वार्ड 133 से 147 तक गुड्डी देवी, यशपाल गुर्जर, रवि कुमार शर्मा, शबनम, सलमान मंसूरी, दीपिका शर्मा, गीतांजलि सैनी, आशीष जोशी, उषा बच्चानी, मीना डांडोरिया, नवाब चिरानिया, उत्तम कुमावत, अर्चन चतुर्वेदी, अफरोज और राशिद अली कांग्रेस प्रत्याशी हैं। वार्ड 148 से 150 तक आशा सैनी, अंजलि ब्रह्मभट्ट और हीरा देवी को प्रत्याशी बनाया गया है।
कांग्रेस की सूची में सबसे ज्यादा वार्ड विद्याधर नगर और सांगानेर विधानसभा क्षेत्रों के हैं। विद्याधर नगर में वार्ड 1 से 22 तक 22 प्रत्याशी हैं, जबकि सांगानेर में वार्ड 38 से 58 तक 21 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा गया है। आमेर विधानसभा क्षेत्र में केवल तीन वार्ड शामिल हैं।
दोनों प्रमुख दलों की सूचियां जारी होने के बाद चुनावी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। टिकट से वंचित दावेदारों के निर्दलीय मैदान में उतरने से कई वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय हो सकता है। कांग्रेस और भाजपा के सामने अब बागियों को मनाने और नाम वापसी कराने की चुनौती रहेगी।
नई वार्ड सीमाओं और परिसीमन के कारण कई क्षेत्रों में पुराने चुनावी समीकरण भी बदले हैं। ऐसे में प्रत्याशी मतदान से पहले घर-घर संपर्क, बूथ स्तर की रणनीति और स्थानीय मुद्दों पर जोर देंगे। 11 सितंबर को होने वाले मतदान से पहले दोनों दलों के सामने प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के साथ ही बागियों को साधने की चुनौती रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

