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कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी पर लगाए संवैधानिक पद की मर्यादा का उल्लंधन का आरोप

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कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी पर लगाए संवैधानिक पद की मर्यादा का उल्लंधन का आरोप


अजमेर, 26 अगस्त(हि.स.)। अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की कार्यशैली को लेकर तीखा हमला बोला। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष डॉ राजकुमार जयपाल ने वासुदेव देवनानी पर संवैधानिक पद की मर्यादा का उल्लंधन करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने जिला कलक्टर लोकबंधु से मुलाकात कर उन्हें देवनानी पर लगाए आरोप के पक्ष में साक्ष्य दिए और देवनानी के इस्तीफे की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 25 अगस्त 2026 को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी द्वारा अजमेर में आयोजित बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में हिस्सा लिया और भाजपा का प्रचार किया। कांग्रेस ने देवनानी पर भाजपा का दुपट्टा पहनकर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव प्रचार में शामिल होने और 'जय-जय भाजपा' के नारे लगाने के भी आरोप लगाए है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा यदि इस प्रकार राजनीतिक गतिविधि में भाग लिया गया है तो क्या वे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा देंगे?

कांग्रेस ने दिनेश शर्मा आत्महत्या प्रकरण को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि सुसाइड नोट में नाम सामने आने से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच तथा पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने रखी जानी चाहिए। कांग्रेस ने मांग की कि मामले की जांच और अब तक हुई कार्रवाई का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।

कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम के पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत द्वारा लगाए गए आरोपों, 13 विवादित फाइलों, पट्टा वितरण शिविरों में कथित अनियमितताओं, आनासागर झील की बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी पर भी भाजपा से जवाब मांगा। कांग्रेस ने पूछा कि यदि सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधि इतने वर्षों से सत्ता में हैं तो आनासागर की दुर्दशा के लिए जिम्मेदारी किसकी है?

स्मार्ट सिटी योजना के नाम पर हुए कार्यों और खर्च को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद कई निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उपयोगिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कांग्रेस ने कथित 'रामसेतु' प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस ने अजमेर में लंबे समय से चले आ रहे पेयजल संकट, टूटी सड़कों, ओवरफ्लो सीवरेज, गंदगी और नागरिक सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर भी भाजपा को घेरा। नेताओं ने कहा कि 36 वर्षों के भाजपा नगर निगम शासन के बाद भी यदि जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों पर ध्यान देने के बजाय फायसागर का नाम 'वरुण सागर', केईएम का नाम 'महर्षि दयानंद विश्रांति गृह, होटल खादिम का नाम 'अजयमेरू' और एलिवेटेड रोड का नाम 'रामसेतु' करने जैसे नाम परिवर्तन को उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। कांग्रेस ने कहा कि जनता को नाम नहीं, बल्कि बेहतर सड़क, पानी, सीवरेज, रोजगार और मूलभूत सुविधाएं चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि जब भाजपा के ही कुछ नेता और कार्यकर्ता सोशल मीडिया के माध्यम से देवनानी की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं, तो इन सवालों का जवाब देना भी भाजपा नेतृत्व की जिम्मेदारी है। उत्तर और दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में विकास को लेकर कथित भेदभाव तथा गरीबों, ठेलेवालों और स्ट्रीट वेंडर्स की रोजी-रोटी से जुड़े मुद्दों पर विधायक अनीता भदेल की चुप्पी पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए।

पत्रिकार वार्ता में कांग्रेस ने पुत्र मोह, राजनीतिक विरोधियों के व्यापारिक संस्थानों को कथित नुकसान, किंग एडवर्ड मेमोरियल में करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 3डी शो को बंद किए जाने, फायसागर पाल टूटने से हुई बाढ़ की क्षति तथा कच्ची बस्तियों की बदहाली जैसे मुद्दों पर भी जवाब मांगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष