कक्षा में अचानक आकर बच्चों के बीच बैठ गए कलेक्टर, बोले- आज मैं भी छात्र हूं
शिक्षण व्यवस्था को परखा, बच्चों से सपनों पर की खुली बातचीत, डिजिटल शिक्षा और पौधारोपण पर दिया जोर
सलूंबर, 5 अगस्त (हि.स.)। कक्षा में शिक्षक पढ़ा रहे थे और विद्यार्थी पूरी तन्मयता से पाठ सुन रहे थे। तभी दरवाजा खुला और जिले के सबसे बड़े अधिकारी जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. चुपचाप अंदर पहुंचे। सभी को लगा कि अब औपचारिक निरीक्षण होगा, लेकिन अगले ही पल ऐसा दृश्य बना जिसने पूरे विद्यालय का माहौल बदल दिया। जिला कलेक्टर सीधे विद्यार्थियों के बीच जाकर एक खाली बेंच पर बैठ गए और मुस्कुराते हुए कहा कि आज वे भी छात्र बनकर पढ़ाई देखना चाहते हैं।
पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मुंडला में बुधवार को हुआ यह औचक निरीक्षण बच्चों के लिए यादगार पल बन गया। जिला कलेक्टर ने कक्षा में बैठकर शिक्षण व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को नजदीक से परखा। अचानक अपने बीच कलेक्टर को बैठा देखकर बच्चे पहले तो संकोच में रहे, लेकिन कुछ ही मिनटों में माहौल पूरी तरह सहज हो गया।
उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई, पसंदीदा विषय, विद्यालय की गतिविधियों और भविष्य के सपनों पर खुलकर चर्चा की। बच्चों ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य बताए। किसी ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई तो किसी ने शिक्षक और पुलिस अधिकारी बनने का सपना साझा किया। जिला कलेक्टर ने सभी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और मेहनत से हर सपना साकार किया जा सकता है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ से शैक्षणिक गतिविधियों और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालय में टीवी सहित अन्य आवश्यक डिजिटल हार्डवेयर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और उनकी पढ़ाई अधिक प्रभावी बन सके।
विद्यालय परिसर में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। विद्यार्थियों से अपील की कि प्रत्येक छात्र अपने घर या आसपास कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी नियमित देखभाल करे। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी पहल मिलकर बड़े बदलाव का आधार बनती हैं।
विद्यालय के बाद जिला कलेक्टर ने मुंडला स्थित मतदान केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने रैंप, पेयजल, विद्युत और अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेकर अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन के दौरान प्रत्येक मतदाता को सुविधाजनक और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
औचक निरीक्षण को जिला कलेक्टर ने जिस आत्मीयता और सहजता से विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी अनुभव में बदल दिया, उसकी चर्चा दिनभर विद्यालय परिसर ही नहीं, पूरे क्षेत्र में होती रही।
हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता

