जिला कलेक्टर ने जनगणना के प्रशिक्षणार्थियों से किया संवाद
जोधपुर, 24 अप्रैल (हि.स.)। जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकान गणनाके सफल क्रियान्वयन के लिए जिले के फील्ड ट्रेनर्स के द्वितीय बैच के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर आलोक रंजन ने राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला का निरीक्षण कर प्रशिक्षणार्थियों से संवाद किया।
इस अवसर पर उप जिला जनगणना अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मीनाक्षी चौधरी तथा जिला समन्वयक सुरेश चन्द मीना उपस्थित रहे। जिला कलक्टर आलोक रंजन ने कहा कि जनगणना 2027 देश की पहली पूर्णत: डिजिटल एवं पेपरलेस जनगणना है।
प्रशिक्षण के माध्यम से फील्ड पैनल स्टाफ को यह समझाया जा रहा है कि डिजिटल माध्यम से जनगणना कार्य को किस प्रकार प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जाए। जिला कलक्टर ने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण में 1 मई से 15 मई तक स्वगणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। नागरिक पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल के माध्यम से बिना किसी जटिल प्रक्रिया या अतिरिक्त दस्तावेज के स्वयं अपने मकान का विवरण दर्ज कर सकेंगे। इस प्रक्रिया के उपरांत एक यूनिक आईडी जनरेट होगी, जिससे प्रगणकों के लिए आगामी कार्य और अधिक सुगम हो जाएगा।
आलोक रंजन ने बताया कि 16 मई से 14 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़े संकलित करेंगे। यह संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पारदर्शिता एवं सटीकता के साथ संपन्न की जाएगी। आलोक रंजन ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं अनुशासन के साथ करें, ताकि जनगणना का कार्य समयबद्ध एवं त्रुटिरहित रूप से पूर्ण हो सके। उन्होंने आमजन को भी इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।
द्वितीय बैच के इस प्रशिक्षण में जोधपुर, चामू, लूणी, डांवर बिलाड़ा, भोपालगढ़, बावड़ी, बालेसर, मथानियां एवं पीपाड़ शहर चार्ज क्षेत्रों के 37 फील्ड ट्रेनर्स भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण जनगणना निदेशालय, जयपुर एवं जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना का परिचय, कानूनी प्रावधान, डिजिटल प्रक्रियाएं, एचएलबी सीमाएं, ले-आउट मानचित्र तथा संबंधित प्रश्नों पर गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे फील्ड स्तर पर कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

