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राजस्थान-मध्य प्रदेश सीमा के अंतिम गांव में मुख्यमंत्री की मॉर्निंग वॉक, ग्रामीणों से संवाद कर जानी समस्याएं

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राजस्थान-मध्य प्रदेश सीमा के अंतिम गांव में मुख्यमंत्री की मॉर्निंग वॉक, ग्रामीणों से संवाद कर जानी समस्याएं


राजस्थान-मध्य प्रदेश सीमा के अंतिम गांव में मुख्यमंत्री की मॉर्निंग वॉक, ग्रामीणों से संवाद कर जानी समस्याएं


बांसवाड़ा, 21 मई (हि.स.)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दो दिवसीय बांसवाड़ा दौरे के दौरान एक अलग ही अंदाज में नजर आए। उन्होंने गुरुवार सुबह राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतिम गांव चूड़ादा में मॉर्निंग वॉक की। इस दौरान उन्होंने बेहद सादगी के साथ ग्रामीणों के बीच बैठकर चाय की चुस्की ली और उनसे सीधा संवाद स्थापित किया। इससे पहले बुधवार रात को भी मुख्यमंत्री ने इसी गांव में रात्रि चौपाल का आयोजन कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी थीं। सुबह की सैर के दौरान मुख्यमंत्री ने आमजन से मिलकर जमीनी हकीकत जानी और लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मौके पर मौजूद अधिकारियों को हाथ के हाथ निर्देश दिए। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार रात्रि चौपाल के माध्यम से प्रदेश के 14 हजार से अधिक ग्राम पंचायत तक पहुंच कर लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है।

मॉर्निंग वॉक के बाद मुख्यमंत्री बांसवाड़ा के लिए रवाना हुए। इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री के ईंधन बचत के संदेश को आगे बढ़ाते हुए आम जनता से पेट्रोल-डीजल बचाने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की। इस दौरान उनके साथ सरकार के तीन मंत्री भी मौजूद रहे। अपनी इस सुबह की यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने जन नेता मामा बालेश्वर दयाल की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

रात्रि चौपाल और संवाद के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में पानी, रेल कनेक्टिविटी और फोरलेन सड़क निर्माण जैसी प्रमुख मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। इन मांगों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को अमृत योजना के तहत हैंडपंप लगवाने और क्षेत्र में मा-बाड़ी केंद्र खोलने के जरूरी निर्देश भी दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बांसवाड़ा जिला मुख्यालय पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर योजना का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक अनिवार्य रूप से पहुंचना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुभाष