जाजोद गांव में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का जनसंवाद, बोले- आत्मनिर्भर गांवों से रुकेगा पलायन
सीकर/जयपुर, 08 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीकर जिले के जाजोद गांव में रात्रि चौपाल के बाद शुक्रवार सुबह गांव की गलियों में पैदल भ्रमण कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। सुबह-सुबह मुख्यमंत्री को अपने बीच देखकर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल बन गया। उन्होंने किसानों, महिलाओं, युवाओं, पशुपालकों, फल-सब्जी विक्रेताओं और बुजुर्गों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक लिया।
मुख्यमंत्री ने गांव स्थित गोपीनाथ मंदिर और शिव मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। भ्रमण के दौरान उन्होंने बच्चों से आत्मीयता से बातचीत की, उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली और उन्हें चॉकलेट वितरित कर स्नेह जताया।
ग्रामीणों के साथ चाय पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई के माध्यम से भुगतान किया। उन्होंने कहा कि गांव केवल कृषि का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भरता की पहचान हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि शहरों की ओर पलायन की परंपरा रुके और गांव विकास के मजबूत केंद्र बनें।
किसानों से संवाद करते हुए उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और नवाचारों से किसान उत्पादन बढ़ाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रही है।
ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर ही त्वरित समाधान के निर्देश दिए। राजस्व मामलों के शीघ्र, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि आमजन को राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई मांगों पर तत्काल निर्णय भी लिए। एक वीरांगना की अपील पर उनके पुत्र की भीलवाड़ा से पलसाना (सीकर) में प्रतिनियुक्ति के आदेश मौके पर ही जारी करवाए, जिससे ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने यमुना जल समझौते को राजस्थान के किसानों के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे भविष्य में जल संकट कम होगा और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, हवेलियों के जीर्णोद्धार और ग्रामीण विकास को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में बताया।
ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने गांव में रात्रि विश्राम कर ग्रामीण जीवन को इतनी निकटता से समझने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री की इस पहल ने ग्रामीणों में विश्वास और उत्साह दोनों बढ़ाया है।
इस अवसर पर विधायक सुभाष मील, गोरधन वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

