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किसानों की समृद्धि से ही विकसित होगा देश-प्रदेश : मुख्यमंत्री

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किसानों की समृद्धि से ही विकसित होगा देश-प्रदेश : मुख्यमंत्री


डेगाना/जयपुर, 18 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसान का जीवन संघर्ष, परिश्रम और धैर्य का प्रतीक है। विपरीत परिस्थितियों और प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद किसान हर बार नई उम्मीद के साथ खेत में उतरता है। ऐसे में किसानों को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना ही देश और प्रदेश के समग्र विकास का सबसे मजबूत आधार है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव हुए हैं और किसान कल्याण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया गया है।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को नागौर जिले के डेगाना क्षेत्र के तिलानेश गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल में किसानों, पशुपालकों और युवाओं से संवाद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और किसानों से प्राकृतिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक एवं नवाचार अपनाकर उत्पादन और आय बढ़ाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने किसान हितों को मजबूती देने का कार्य किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं ने ग्रामीण भारत और कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए किसानों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाली अनेक योजनाएं लागू की हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण संसाधन, वित्तीय सहायता और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराना है, ताकि कृषि को आने वाली पीढ़ियां भी सम्मानजनक और लाभदायक व्यवसाय के रूप में अपनाएं। इसके लिए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ कृषि आधारित प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही हैं।

उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने, आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग करने और मूल्य संवर्धन के लिए प्रोसेसिंग यूनिट लगाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो जाए तो वे देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री के नेतृत्व में रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता सहित प्रदेश की कई महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का लाभ वर्तमान के साथ आने वाली कई पीढ़ियों तक किसानों को मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केन्द्र सरकार की सहायता के साथ राज्य सरकार भी 3 हजार रुपये अतिरिक्त देकर किसानों को प्रतिवर्ष कुल 9 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद में 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। किसानों को ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण, फसल बीमा योजना, बिजली बिलों में राहत तथा सोलर पंप सेट लगाने पर अनुदान जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और जल्द ही पूरे राजस्थान में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और पशुपालन किसान जीवन के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इन्हें मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार गोपालक क्रेडिट कार्ड ऋण योजना और मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है। इससे किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सरकारी नौकरियों के साथ निजी क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित कर रही है। नई युवा नीति के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जबकि गांवों में स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के माध्यम से आर्थिक संबल दिया जा रहा है।

ग्राम विकास चौपाल के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले किसानों और युवाओं ने मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए। प्रगतिशील किसान अशोक जांगु ने बताया कि सरकारी योजनाओं के सहयोग से उन्होंने खारे पानी वाले क्षेत्र में अनार की खेती, ग्रीन हाउस और पशुपालन को अपनाकर सालाना 60 से 70 लाख रुपये तक की आय अर्जित की है। उन्होंने किसानों से आधुनिक खेती अपनाने की अपील की।

पद्मश्री हिम्मता राम भांभू ने बताया कि 27 वर्ष पहले लगाए गए 14 हजार पौधे आज घने वृक्ष बन चुके हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मिले सरकारी सहयोग और पशुपालन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं की सराहना की।

प्रगतिशील किसान पारुल ने कहा कि सरकार के सहयोग से नागौर की अश्वगंधा को जीआई टैग मिलने के बाद इसकी वैश्विक पहचान बनी है। बेहतर बीज और प्रोसेसिंग यूनिट उपलब्ध होने से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

जैविक खेती करने वाली किसान मीरा ने बताया कि उन्होंने 15 वर्ष पहले जहर मुक्त खेती का संकल्प लिया था। शुरुआती कठिनाइयों के बाद अब उन्हें बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि खेती और पशुपालन दोनों क्षेत्रों में केन्द्र और राज्य सरकार का भरपूर सहयोग मिला है।

युवा उद्यमी ओंकार चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत 25 लाख रुपये का ऋण मिलने से उन्होंने अपनी हैंडिक्राफ्ट यूनिट का विस्तार किया। जहां शुरुआत में तीन लोगों को रोजगार दिया था, वहीं आज उनकी इकाई में 40 से अधिक युवा कार्यरत हैं और ऑनलाइन माध्यम से देशभर में फर्नीचर की बिक्री हो रही है।

इसी प्रकार युवा उद्यमी लक्ष्मीकांत कड़वा ने बताया कि विश्वकर्मा उद्यमी योजना के तहत 10 लाख रुपये का ऋण मिलने से उन्होंने अपना उद्योग स्थापित किया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं ने युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने का अवसर प्रदान किया है।

कार्यक्रम में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मंजू बाघमार, राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, विधायक अजय सिंह किलक, लक्ष्मण राम कलरू, रेवंतराम डांगा सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक, युवा एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित