राजस्थान के रामपुरा कंवरपुरा गांव समर्थकों के साथ पहुंचे सीजेपी प्रवक्ता रांका और लोगों के बीच तकरार, पथराव, ग्रामीणों ने खदेड़ा
जयपुर, 21 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान की राजधानी जयपुर के बगरू क्षेत्र के रामपुरा कंवरपुरा गांव में शुक्रवार को राजकीय प्राथमिक स्कूल के निरीक्षण को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता आशुतोष रांका और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान मारपीट और वाहनों पर पथराव के आरोप लगाए गए। आरोप यह भी जड़ा गया कि रांका के साथ मौजूद महिला समर्थकों पर ग्रामीण महिलाओं ने मिट्टी फेंकी।
रांका शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे। रांका ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें वहां से खदेड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि हमले में वाहनों के शीशे और मोबाइल फोन टूट गए। उनकी शर्ट फाड़ दी गई। टीम के एक सदस्य का हाथ पर फ्रैक्चर हुआ है और एक महिला के साथ भी मारपीट की गई।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि यह हमला शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के कहने पर किया गया। उन्होंने हमलावरों की 48 घंटे में गिरफ्तारी और स्कूल निरीक्षण रोकने का आदेश वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर पूरे राजस्थान में आंदोलन किया जाएगा और शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस को पहले से पत्थरबाजी की जानकारी थी, इसके बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। उन्होंने घटना को सुनियोजित बताया है।
इससे पहले शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे सीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की हुई थी। ग्रामीणों ने उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया। इसके बाद ग्रामीण सीजेपी के विरोध में नारे लगाते हुए सरकारी स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने गांव के मुख्य रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर आने-जाने वाले वाहनों की जांच भी शुरू कर दी।
रामपुरा गांव के ग्रामीण जुगल किशोर शर्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ बाहरी लोग सुबह गांव में पहुंचे थे और खुद को कॉकरोच जनता पार्टी का सदस्य बता रहे थे। ग्रामीणों ने उनसे गांव में नहीं आने का आग्रह किया था और कहा था कि स्कूल का निर्माण गांव और सरकार के स्तर पर कराया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब दो घंटे बाद कुछ लोग महिलाओं के साथ गांव में घुसने की कोशिश करने लगे, जिसके बाद बहस और धक्का-मुक्की हुई। उनके अनुसार करीब 200 से 250 लोग आए थे और कुछ वाहनों में सरिये आदि भी थे। उन्होंने दावा किया कि संबंधित लोगों ने खुद ही अपनी गाड़ियों के शीशे तोड़े। उन्होंने कहा कि किसी महिला के साथ बदसलूकी नहीं की गई और सीजेपी के लोगों को गांव से बाहर कर दिया गया। ग्रामीणों ने स्कूल के मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की मांग की।
सीजेपी ने एक्स पर जारी बयान में आरोप लगाया कि स्कूलों में बेहतरी की मांग को लेकर उसकी टीम पर हमला किया गया और राजस्थान में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 15 जून को जयपुर में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके पर भी प्रदर्शन के दौरान हमला होने का दावा किया गया था। सीजेपी के अनुसार दीपके नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

