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पांच साल बाद भी अधूरा सिविल लाइंस आरओबी, अब दिसंबर तक पूरा करने का दावा

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पांच साल बाद भी अधूरा सिविल लाइंस आरओबी, अब दिसंबर तक पूरा करने का दावा


जयपुर, 15 जुलाई (हि.स.)। राजधानी के वीवीआईपी क्षेत्र सिविल लाइंस में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पांच वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने एक बार फिर इसकी समय-सीमा बढ़ाते हुए दिसंबर 2026 तक निर्माण पूरा करने का दावा किया है। यह परियोजना वर्ष 2021 में शुरू हुई थी और अब तक इसकी निर्धारित समय-सीमा करीब एक दर्जन बार बदली जा चुकी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब 700 मीटर लंबे फोरलेन आरओबी का लगभग 600 मीटर निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि करीब 100 मीटर हिस्सा अभी भी अधूरा है। रेलवे ट्रैक के ऊपर स्पान लॉन्चिंग का कार्य शेष है। वर्तमान में बगरू में स्टील गर्डर तैयार किए जा रहे हैं, जबकि निर्माण स्थल पर गतिविधियां सीमित दिखाई दे रही हैं। यह आरओबी जमनालाल बजाज मार्ग को रेलवे लाइन के पार जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है। परियोजना की कुल लागत लगभग 75 करोड़ रुपये है। आरओबी 17.10 मीटर चौड़ा और 706 मीटर लंबा होगा तथा दोनों ओर 5.50 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी विकसित की जाएगी।सिविल लाइंस रेलवे फाटक पर प्रतिदिन लगने वाले जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से इस परियोजना का निर्माण अप्रैल 2021 में शुरू किया गया था। प्रारंभिक लक्ष्य अक्टूबर 2022 तक इसे पूरा करने का था, लेकिन पहली निर्माण कंपनी निर्धारित अवधि में केवल लगभग 10 प्रतिशत कार्य करने के बाद परियोजना छोड़कर चली गई। इसके बाद मई 2023 में नए सिरे से निविदा जारी कर दूसरी एजेंसी को निर्माण कार्य सौंपा गया। नई समय-सीमा मार्च 2025 निर्धारित की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर अगस्त 2026 और अब दिसंबर 2026 कर दिया गया है। वर्तमान में निर्माण कार्य शिवम कंडेव कंपनी द्वारा किया जा रहा है।आरओबी के दोनों ओर कुल 17 स्पान प्रस्तावित हैं, जिनमें से 13 स्पान लॉन्च किए जा चुके हैं। रेलवे ट्रैक के ऊपर शेष स्पान लॉन्चिंग का कार्य अभी बाकी है। सिविल लाइंस रेलवे फाटक से जयपुर-दिल्ली और जयपुर-सवाई माधोपुर रेलमार्ग गुजरते हैं। इसके अतिरिक्त जयपुर जंक्शन के निकट होने के कारण यहां रेलवे की स्पेयर लाइनें भी हैं, जहां ट्रेनों की पार्किंग होती है। प्रतिदिन 70 से अधिक यात्री और मालगाड़ियां इस मार्ग से गुजरती हैं। फाटक बंद रहने के कारण करीब 20 हजार छोटे-बड़े वाहनों को प्रतिदिन दो से तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।जेडीए की अधिशासी अभियंता अनुपमा ने बताया कि विभाग का प्रयास दीपावली तक निर्माण कार्य पूरा करने का है। हालांकि परियोजना की आधिकारिक समय-सीमा बढ़ाकर दिसंबर 2026 कर दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश