शिविर में किया स्वयंसेवकों की क्षमता का विकास
जोधपुर, 06 मार्च (हि.स.)। नागरिक सुरक्षा क्षमता संवर्धन योजना (भारत सरकार) के अंतर्गत वार्डन एवं स्वयंसेवकों के लिए द्वितीय बैच का सात दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन शुक्रवार को हुआ। प्रशिक्षण शिविर में आपदा की स्थिति में त्वरित, संगठित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए स्वयंसेवकों की क्षमता का विकास किया गया।
उप नियंत्रक अंजुम ताहिर शम्मा के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण में अधिकारी राजकंवर एवं राजेंद्र सिंह जोधा के निर्देशन में विभिन्न सत्र संचालित किए गए। प्रशिक्षण में नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन के मूल सिद्धांतों के साथ-साथ आधुनिक आपदा परिस्थितियों में स्वयंसेवकों की भूमिका पर विशेष बल दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग, फायर-फाइटिंग प्रणाली, खोज एवं बचाव कार्य, मलबा हटाने की तकनीक, प्राथमिक उपचार तथा सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) जैसी जीवन रक्षक प्रक्रियाओं का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक अभ्यास करवाया गया। आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वय, अनुशासन और तत्परता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है। नागरिक सुरक्षा के मास्टर ट्रेनर चंपालाल सोलंकी एवं टीकूराम द्वारा प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जिससे वे किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावी ढंग से राहत एवं बचाव कार्य कर सकें। सात दिवसीय सिविल डिफेंस की द्वितीय बैच परीक्षण के दौरान सहयोगी सीडीआई लेखराज वर्मा और राकेश चौधरी का सहयोग रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

