home page

छुट्टी के दिन उमड़ा बच्चों का सैलाब : चिल्ड्रन फेस्टिवल–‘आजू गूजा 2.0’ का हुआ भव्य समापन

 | 
छुट्टी के दिन उमड़ा बच्चों का सैलाब : चिल्ड्रन फेस्टिवल–‘आजू गूजा 2.0’ का हुआ भव्य समापन


बीकानेर, 18 जनवरी (हि.स.)। बीकानेर चिल्ड्रन फेस्टिवल ‘आजू गूजा 2.0’ का तीन दिवसीय आयोजन रविवार को उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। समापन दिवस पर रविवार की छुट्टी के चलते बच्चों एवं अभिभावकों की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ पड़ी। भारी संख्या में आगंतुकों की उपस्थिति के कारण सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कुछ समय के लिए स्टेडियम के गेट बंद करने पड़े।

फेस्टिवल के अंतिम दिन बच्चों ने फन गेम्स, क्रिएटिव वर्कशॉप्स, पेंटिंग, एक्टिविटी स्टॉल्स एवं ड्रम सर्कल समेत विभिन्न मनोरंजक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे स्टेडियम में बच्चों की चहक, रंग-बिरंगी गतिविधियों और पारिवारिक माहौल ने आयोजन को यादगार बना दिया।

आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला कलेक्टर वृष्णि ने कहा कि ‘आजू गूजा 2.0’ ने बच्चों को न सिर्फ मनोरंजन का मंच प्रदान किया, बल्कि उनकी रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को भी प्रोत्साहित किया। फेस्टिवल का उद्देश्य बच्चों के लिए सुरक्षित, आनंददायक और ज्ञानवर्धक वातावरण उपलब्ध कराना रहा, जिसे दर्शकों का भरपूर समर्थन मिला।

निगम कमिश्नर मयंक मनीष ने बताया कि आयोजन के तीसरे दिन करीब 50 हजार बच्चों और अभिभावकों की एंट्री हुई। दोपहर 12 बजे तक ही 18 हज़ार रिस्ट बैंड ख़त्म हो गए। उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक, चिकित्सा एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सका। उन्होंने कहा कि ‘आजू गूजा 2.0’ ने जिले में बच्चों के लिए एक सुरक्षित, आनंददायक और रचनात्मक मंच उपलब्ध कराते हुए बच्चों के सबसे बड़े आयोजन के रूप में अपनी पहचान बनाई है।

निगम कमिश्नर मयंक मनीष ने बताया कि एनएलसी इंडिया लिमिटेड की बरसिंगसर परियोजना के परियोजना प्रमुख एस. विजय कुमार ने कंपनी की सीएसआर योजना अंतर्गत चिल्ड्रन फेस्टिवल के सफल आयोजन हेतु जिला प्रशासन को 3 लाख का आर्थिक सहयोग प्रदान किया। यह सहयोग बच्चों की रचनात्मकता, सांस्कृतिक प्रतिभा और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिया गया।

बीडीए कमिश्नर अपर्णा गुप्ता ने बताया कि इस अनूठे फेस्टिवल में बच्चों के लिए देश भर से थिएटर, चित्रकला, माइम, पॉटरी मेकिंग, ऑरिगेमी, मैजिक शाे, जायंट पपेट, लाइव थिएटर परफॉर्मेंस, ग्रैफिटी वर्कशॉप, बीटबॉक्स, म्यूजिक एवं नृत्य के अलावा बड़ी संख्या कलाकार बीकानेर आए। फेस्टिवल में बच्चों को प्लास्टिक मैनेजमेंट,वेट वेस्ट और ड्राई वेस्ट,फूड वेस्ट कंट्रोल सहित कई गतिविधियां से भी रूबरू करवाया गया।

लाइव एरोप्लेन फ्लाइंग, ज्योइंट पतंगों और ज्योंइट पपेट ने खूब आकर्षित किया

गुप्ता ने बताया कि फेस्टिवल में पहली बार पतंगबाजी का जुनून भी देखने को मिला। ज्योइंट पतंगों ने बच्चों को खूब लुभाया। फेस्टिवल में बीकानेर में पहली बार दिल्ली से आई 15 से 17 फीट ऊंची विशेष जायंट पपेट ने खूब ध्यान आकर्षित किया। लाइव एरोप्लेन फ्लाइंग और साइंस एक्सपीरियंस एरोप्लेन डेमो भी आकर्षण का केन्द्र रहे। बच्चों को एरोनॉटिक्स, रोबोटिक्स, मैकेनिक्स, केमिस्ट्री, विज्ञान से भी अवगत कराया गया। ताकि बच्चे किताबों से निकलकर उड़ान भर सके।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव