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लोकतंत्र बचाने की बात करने वाली कांग्रेस का इतिहास लोकतंत्र विरोधी: चतुर्वेदी

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लोकतंत्र बचाने की बात करने वाली कांग्रेस का इतिहास लोकतंत्र विरोधी: चतुर्वेदी


जयपुर, 01 नवंबर (हि.स.)। भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने कांग्रेस की रैली पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र की हत्या करने वाली कांग्रेस अब लोकतंत्र बचाने की नौटंकी कर रही है। कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है और वह निराशाजनक माहौल बनाने के लिए बेबुनियाद मुद्दे उठा रही है।

चतुर्वेदी ने राहुल गांधी की ओर से 2024 के चुनावों को अवैध बताने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार वर्ष 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त बने, जबकि राहुल गांधी स्वयं 2024 के चुनाव के आधार पर नेता प्रतिपक्ष बने हैं। यदि चुनाव अवैध हैं तो राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य सांसद भी इसी आधार पर पद पर हैं। उन्होंने सवाल किया कि एसआईआर के बाद जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें बनी हैं, क्या वे भी इस्तीफा देंगी?

चतुर्वेदी ने कांग्रेस पर आपातकाल लगाने, विपक्षी नेताओं को जेल में डालने और प्रेस पर सेंसरशिप लागू करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संविधान के अनुच्छेद 356 का बार-बार दुरुपयोग कर निर्वाचित सरकारों को गिराया। उनके अनुसार, कांग्रेस के शासन में 93 बार अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग हुआ और 1800 से अधिक विधायकों की खरीद-फरोख्त का इतिहास रहा है। उन्होंने 1957 से 1967 के दौरान 18 बार और 1967 से 1971 के चार वर्षों में 45 सरकारें गिराने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के संकल्प के साथ अर्थव्यवस्था, सीमाओं की सुरक्षा और आधारभूत ढांचे के विकास में आगे बढ़ रहा है, जबकि कांग्रेस निराशा का माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। चतुर्वेदी ने 1 नवंबर को कांग्रेस की रैली आयोजित करने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसी दिन 1984 में सिख समुदाय के नरसंहार की घटनाएं हुई थीं। ऐसे दिन रैली आयोजित करना उस समुदाय के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की रैली को राजस्थान से अपेक्षित समर्थन नहीं मिला और जनता आने वाले चुनावों में इसका जवाब देगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश