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चैत्र नवरात्रा गुरूवार से, पालकी में सवार होकर आएगी देवी मां

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चैत्र नवरात्रा गुरूवार से, पालकी में सवार होकर आएगी देवी मां


जोधपुर, 18 मार्च (हि.स.)। मंदिरों व घरों में घट स्थापना के साथ ही चैत्र नवरात्रा गुरुवार से शुरू हो जाएंगे। नवरात्रा में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा का विशेष महत्व है। इस बार मां अपने भक्तों से मिलने पालकी (डोली) पर सवार होकर आ रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गुरुवार को नवरात्रि शुरू होने पर माता पालकी में आती हैं, जो शुभता के साथ थोड़ा धैर्य और सावधानी बरतने का संकेत भी है। वही माता की विदाई हाथी पर होगी, जो भारी वर्षा और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसी दिन हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का भी आरंभ होगा।

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस वर्ष के राजा बृहस्पति और मंत्री मंगल साहस और उग्रता के प्रतीक हैं। गुरु के राजा होने से इस साल की शुरुआत में सोने-चांदी के भावों में उतार देखने को मिलेगा। पूरे साल उतार-चढ़ाव की स्थितियां बनी रहेंगी। ज्योतिषों के अनुसार अमावस्या के बाद प्रतिपदा को गुरुवार होना भारत के लिए अनुकूल रहेगा। राजा बृहस्पति होने से प्रभावों की तीव्रता सीमित रहेगी और सामाजिक संतुलन बना रहेगा। मंत्री मंगल होने से अपराध और रोगों में वृद्धि की संभावना देखी जा रही है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में रहेगी।

घट स्थापना का मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि 2026 में घटस्थापना के समय प्रतिपदा तिथि 18 मार्च को रात 09.34 बजे से 19 मार्च रात 10.15 बजे तक रहेगी। इस दौरान 19 मार्च 6 को घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6.52 से 10.10 बजे तक रहेगा। इस समय घटस्थापना न हो पाए तो अभिजीत मुहूर्त में भी किया जा सकता है, जो दोपहर 11.47 से 12.36 बजे तक उपलब्ध रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है। पूरे नौ दिन सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

मेहरानगढ़ में इस तरह रहेगी दर्शनों की व्यवस्था

मेहरानगढ़ दुर्ग प्रशासन के निर्देशानुसार चामुंडा मंदिर में सुबह 7 बजे से सायं 5 बजे तक दर्शनों की व्यवस्था रहेगी। मंदिर में दर्शनार्थियों के शराब पीकर आने व साथ लाने पर पूर्णतया प्रतिबंध होगा व पॉलिथीन बैग लेकर आना मना होगा। मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल अजय सिंह शेखावत ने बताया कि 19 मार्च को सप्तवर्ती पाठ का संकल्प व स्थापना के मुहूर्त के दौरान सुबह 11.21 बजे पूर्व नरेश गज सिंह व हेमलता राज्ये महरानगढ़ दुर्ग के चामुंडा माता के दर्शन व पूजा अर्चना करेंगे। मंदिर के पास उपासनालय कक्ष में नौ वेद पाठी ब्राह्मण 19 मार्च को नवरात्रा स्थापना से अष्टमी तक दुर्गा पाठ का वाचन करेंगे।

अष्टमी पर 26 मार्च की रात हवन प्रारंभ होगा, जिसकी पूर्णाहुति नवमी पर 27 मार्च को सुबह 11.15 बजे से 12.25 के मध्य गज सिंह व हेमलता राज्ये द्वारा की जाएगी। नवमी पर 27 मार्च को दोपहर 12.25 से 12.35 बजे तक तिलक आरती व उसके पश्चात थापनाजी के उत्थापना का मुहूर्त है।

प्रशासन के निर्देशानुसार प्रतिवर्ष की तरह नवरात्रा की सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया है। जय पोल के बाहर से ही एक पंक्ति में दर्शन के लिए लाइन व्यवस्था की गई है जो चामुंडा माताजी मंदिर तक रहेगी। डीएफएमडी गेट से ही जय पोल व फतेह पोल से दर्शनार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। पट्टे पर महिलाओं, बच्चों वृद्धजनों के लिए आने-जाने की व्यवस्था की गई है व वहीं से जाएंगे व वापिस आएंगे। पुरुष एवं युवाओं के लिए सलीम कोट से होते हुए बसंत सागर से आने-जाने की व्यवस्था की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश