चैत्र नवरात्रि गुरुवार से प्रारंभ: शुभ योग में होगी घटस्थापना
जयपुर, 18 मार्च (हि.स.)। चैत्र नवरात्रि इस वर्ष 19 मार्च (गुरुवार) से श्रद्धा और उत्साह के साथ प्रारंभ होंगे। पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत शुक्ल योग और सर्वार्थ सिद्धि योग में हो रही है, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है। नौ दिवसीय यह पर्व 27 मार्च को संपन्न होगा।
पंडित राजेश शर्मा ने बताया कि चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन मां दुर्गा का आगमन पालकी में होगा, जो शुभ संकेत माना जाता है और इससे सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। शहर में घर-घर घटस्थापना कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाएगी।
चैत्र नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक नवदुर्गा के विभिन्न स्वरूपों—शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री—की विधि-विधान से पूजा होगी।
घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त प्रातः 6:30 बजे से 8:06 बजे तक, इसके बाद 11:02 बजे से 3:33 बजे तक तथा अभिजीत मुहूर्त में 12:08 बजे से 12:56 बजे तक रहेगा। इस दौरान श्रद्धालु अपने घरों में कलश स्थापना कर पूजा आरंभ करेंगे।
चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना, हनुमत ध्वज स्थापना और दुर्गा सप्तशती के पाठ का विशेष महत्व बताया गया है। इन अनुष्ठानों से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
चैत्र नवरात्रि के दौरान 26 मार्च को अष्टमी व्रत, कन्या पूजन और रामनवमी महोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन मंदिरों और घरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

