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चादर महोत्सव :केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत बोले पवित्र चादर ने जैसलमेर को निरोगी रखा

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चादर महोत्सव :केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत बोले पवित्र चादर ने जैसलमेर को निरोगी रखा


जयपुर, 07 मार्च (हि.स.)। स्वर्ण नगरी जैसलमेर में आयोजित तीन दिवसीय दादा गुरुदेव चादर महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को आस्था,श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत ऐतिहासिक भव्य वरघोड़ा निकाला गया। इस अवसर पर लगभग 150 वर्षों बाद सोनार दुर्ग स्थित पार्श्वनाथ जैन मंदिर के ज्ञान भंडार से दादा गुरुदेव श्री जिनदत्त सूरी महाराज की 871 वर्ष से भी अधिक प्राचीन पवित्र चादर को विधिवत पूजन-अर्चना के साथ बाहर लाया गया। जैन समाज में इस चादर का अत्यंत धार्मिक महत्व है और इसे गहन श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। वरघोड़ा महोत्सव स्थल पर पहुँच कर धर्मसभा में तब्दील हो गया। जहाँ पवित्र चादर का वासक्षेप सहित गंगोत्री और मानसरोवर से लाए गए जल से अभिषेक किया गया।

इस अवसर पर केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा की पवित्र चादर 150 वर्षों बाद बाहर आई है। चादर महोत्सव समिति और जैन ट्रस्ट जैसलमेर के प्रयासों से लाखों श्रद्धालु उस पवित्र चादर के दर्शन महोत्सव में कर सकेंगे जिसने जैसलमेर को महामारी से बचाया था।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने वरघोड़े में शामिल श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज भावुक करने वाला पल है कि दादागुरु के भक्त इतनी बड़ी संख्या में उमड़े है।

चादर महोत्सव के इस ऐतिहासिक आयोजन में देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। पूरे शहर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिल रहा है। आयोजन को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

इस अवसर पर मंच पर गच्छाधिपति आचार्य जिनमणिप्रभ सूरि, आचार्य मनोज्ञ सागर सूरि, वसन्त विजय, महोत्सव समिति के अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढ़ा, एमएलए महंत प्रतापपुरी, छोटू सिंह भाटी,अरविंद सिंह भाटी मौजूद रहे।

चादर महोत्सव समिति के राष्ट्रीय सचिव पदम टाटिया ने बताया की गच्छाधिपति आचार्य जिनमणिप्रभ सूरि और जैन मुनियों के सानिध्य में पवित्र चादर को सोनार किले से गड़सीसर सर्किल तक लाया गया। जहां इसे विशेष रूप से तैयार किए गए भव्य रथ में विराजित किया गया। इसके बाद गच्छाधिपति आचार्य जिनप्रभमणि सूरीश्वरजी और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने हरी झंडी दिखाकर विशाल वरघोड़ा शोभायात्रा को प्रारंभ किया। पवित्र चादर का पूरे रास्ते सर्वसमाज ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।

भव्य वरघोड़े में हजारों श्रद्धालु, जैन संत-मुनि, साध्वी एवं महात्मा शामिल हुए। शोभायात्रा में 21 सजे-धजे घोड़े, 21 ऊंट, 2 हाथी, 20 नासिक ढोल की टीमें, कच्ची घोड़ी नृत्य दल, विशेष रूप से सजाया गया रथ तथा विभिन्न प्रांतों से आए लोक कलाकार आकर्षण का केंद्र बने। इस दौरान ड्रोन के माध्यम से पुष्प वर्षा की गई, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठा।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश