राजस्थान में सीईटी-2026 की तारीखें घोषित, अक्टूबर और दिसंबर में होंगी परीक्षाएं
जयपुर, 18 जून (हि.स.)। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) ने सरकारी नौकरियों के लिए समान पात्रता परीक्षा (सीईटी)-2026 की तिथियों की घोषणा कर दी है।
बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि सीनियर सेकेंडरी स्तर की सीईटी परीक्षा 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक, जबकि स्नातक स्तर की सीईटी परीक्षा 1 से 3 दिसंबर 2026 के बीच आयोजित की जाएगी।
बोर्ड के अनुसार सीनियर सेकेंडरी स्तर की परीक्षा तीन दिनों तक अलग-अलग चरणों में होगी। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया जून के अंतिम सप्ताह में शुरू की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से प्लाटून कमांडर, पटवारी-जिलेदार, जल संसाधन विभाग, कनिष्ठ लेखाकार, तहसील राजस्व लेखाकार, पर्यवेक्षक महिला अधिकारिता, उपजेलर, छात्रावास अधीक्षक ग्रेड द्वितीय, पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी सहित 11 भर्तियों के लिए अभ्यर्थियों की पात्रता तय होगी।
वहीं, स्नातक स्तर की सीईटी के लिए आवेदन प्रक्रिया जुलाई में शुरू होगी।
यह परीक्षा दिसंबर के पहले सप्ताह में तीन दिनों तक आयोजित की जाएगी। इसके जरिए वनपाल, छात्रावास अधीक्षक, लिपिक ग्रेड द्वितीय, कनिष्ठ सहायक, जमादार ग्रेड-द्वितीय, कॉन्स्टेबल समेत 12 विभिन्न भर्तियों के लिए पात्रता निर्धारित की जाएगी।
आरएसएसबी अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि इस बार सीईटी का स्तर पहले की तुलना में अधिक कठिन रखा जाएगा। बोर्ड का प्रयास रहेगा कि केवल 3 से 4 लाख अभ्यर्थी ही पात्रता हासिल कर सकें। इसके लिए परीक्षा में निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था भी लागू की जाएगी, जिससे गंभीर और बेहतर तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा।
राजस्थान में सीईटी को विभिन्न सरकारी नौकरियों के लिए प्रवेश द्वार माना जाता है। यह अंतिम भर्ती परीक्षा नहीं, बल्कि एक स्क्रीनिंग टेस्ट है, जिसके अंकों के आधार पर अभ्यर्थी संबंधित पदों की मुख्य भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने के पात्र बनते हैं। हर वर्ष लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में भाग लेते हैं।
सीईटी में पात्रता प्राप्त करने के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को इसमें 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी। अभ्यर्थियों को राहत देते हुए सीईटी प्रमाणपत्र की वैधता अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष कर दी गई है। इस निर्णय से 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को लाभ मिलने की संभावना है।
सीईटी-2024 की वैधता फरवरी 2026 में समाप्त हो चुकी थी। इससे स्नातक स्तर के 8.78 लाख और सीनियर सेकेंडरी स्तर के 9.17 लाख अभ्यर्थियों की पात्रता खत्म हो गई थी। इसके बाद नई सीईटी परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब बोर्ड द्वारा नई तिथियां घोषित किए जाने के बाद अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है और कई लंबित भर्तियों का रास्ता भी साफ होने की उम्मीद बढ़ गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

