गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने का अभियान शुरू
जोधपुर, 04 अगस्त (हि.स.)। प्राचीनतम चिंतामणि भगवान पाश्र्वनाथ गुरों का तालाब तीर्थ मंदिर में साध्वी रत्नमाला श्रीजी ठाणा के आशीर्वाद से ओसवाल वंश स्थापना समारोह हेतु आयोजित धर्म सभा में अहिंसा, जीवदया और प्राणी मात्र की अनुकंपा के अंतर्गत आज गौ हत्या पर राष्ट्रीय पाबन्दी के साथ गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए ओसवाल समाज द्वारा राष्ट्र व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभियान शुरू किया गया।
मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी व प्रवक्ता ओम प्रकाश चौपड़ा ने बताया कि ओसवाल समाज विराट हस्ताक्षर अभियान, समागम और अनेक कार्यक्रम आयोजित कर गौ माता बचाओ आयोजन करेगा। चौपड़ा ने बताया कि धर्म सभा में साध्वीश्री ने ओसवालों की ओसियां में उत्पति व उद्गम पर अनेकों नई जानकारियां देते गौ हत्या पर प्रतिबंध व गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए ओसवाल समाज की पहल को जरूरी व मानव हितकारी बताया।
इस अवसर पर समाज चिंतक सोहन मेहता ने ओसवाल समाज की उत्पत्ति के कारणों व रहस्यों पर विवेचना करते पूरे देश भर से ही नहीं समूचे विश्व भर के ओसवाल गौ हत्या पर पाबंदी और गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के चलाए जाने वाले अभियान की समूची रूपरेखा घोषित की।
संयोजक कानराज महनोत ने कहा कि जीव दया,अहिंसा, प्राणी रक्षा ओसवाल जैनों का सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने 11 अगस्त को ओसियां कार्यक्रम की रुपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर सोहन मेड़तिया और रानी मेहता ने भी अपने सारगर्भित विचार रखे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

