पशुपालकों के कल्याण योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश, बजट कार्य समय पर पूर्ण करने पर जोर
जयपुर, 01 अप्रैल (हि.स.)। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि प्रदेश सरकार पशुओं और पशुपालकों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट में स्वीकृत सभी योजनाओं और कार्यों को शत-प्रतिशत पूरा किया जाए तथा कोई भी कार्य अधूरा न रहे।
मंत्री कुमावत बुधवार को पशुपालन विभाग की बजट समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं की क्रियान्विति की समीक्षा की गई। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि अधिकांश घोषणाएं समय पर पूर्ण हो चुकी हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि अब तक 35 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण तथा 19 लाख से अधिक बीमा पॉलिसियां जारी की जा चुकी हैं। करीब सात हजार दावों का निस्तारण कर पशुपालकों को 14 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। मंत्री ने बीमा दावों के त्वरित निस्तारण, सर्वेयर की संख्या बढ़ाने और लंबित प्रकरण शीघ्र समाप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही जून माह तक बीमा कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया।
मोबाइल वेटरिनरी यूनिट के संचालन की समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 16 लाख से अधिक पशुपालकों ने 62 लाख से अधिक पशुओं का उपचार कराया है। साथ ही लगभग एक लाख पशुपालकों ने चैटबॉट के माध्यम से भी सेवाएं प्राप्त की हैं। मंत्री ने कॉल सेंटर को सुदृढ़ करने, सभी कॉल अटेंड करने तथा प्रत्येक गांव को मोबाइल वेटरिनरी यूनिट से जोड़ने के निर्देश दिए।
सेक्स सॉर्टेड सीमन कार्यक्रम की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए तथा इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के साथ फ्लैगशिप कार्यक्रम के रूप में जोड़ने को कहा।
बैठक में वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं के तहत संस्थानों के भवन निर्माण की प्रगति की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि भवन रहित संस्थानों के लिए भूमि आवंटन का लक्ष्य 80 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है और शेष कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।
एफएमडी रोग प्रतिरोधक टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि 16 मार्च से 16 मई तक चलने वाले इस अभियान को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि वर्ष 2030 तक प्रदेश को खुरपका-मुंहपका रोग से मुक्त बनाया जा सके। साथ ही लंपी एवं अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विभाग को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव विकास सीताराम भाले, संयुक्त शासन सचिव दिनेश कुमार जांगिड़, निदेशक पशुपालन डॉ. सुरेश चंद मीना, वित्तीय सलाहकार, अतिरिक्त निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. विकास शर्मा, डॉ. लक्ष्मण राव सहित विभागीय अधिकारी एवं बीमा कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

