राम मंदिर ट्रस्ट भंग कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए: बृंदा करात
उदयपुर, 29 जून (हि.स.)। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य एवं पूर्व सांसद बृंदा करात ने राम मंदिर ट्रस्ट को भंग कर कथित वित्तीय अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
उदयपुर के माछला मगरा स्थित पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े कथित 200 करोड़ रुपये, सोना-चांदी सहित अन्य संपत्तियों के मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज कर लीपापोती की जा रही है, जबकि ट्रस्ट के अध्यक्ष, सचिव एवं अन्य पदाधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की जा रही।
उदयपुर दौरे पर आईं करात ने राजस्थान में वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आदिवासियों के भूमि अधिकारों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि उदयपुर जिले में 22 हजार से अधिक दावों में से केवल 43 प्रतिशत का ही निस्तारण हुआ है तथा इस मुद्दे पर जल्द बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा।
उन्होंने मनरेगा को प्रभावी ढंग से लागू करने, ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार उपलब्ध कराने तथा पूरा व्यय केंद्र सरकार द्वारा वहन करने की मांग की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के दौरे का हवाला देते हुए कहा कि इंटरनेट बाधित होने से श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी और उन्हें बिना मजदूरी लौटना पड़ा।
प्रेस वार्ता में उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति, ग्रेट निकोबार परियोजना, भ्रष्टाचार, जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त तथा नीट से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी पार्टी का पक्ष रखा। प्रारंभ में माकपा जिला सचिव एडवोकेट राजेश सिंह ने स्वागत किया। कार्यक्रम में शमशेर खान, श्रवण तथा प्रो. हेमेंद्र चंडालिया सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता

