पशुपालकों को दी पशुओं में नस्ल सुधार के महत्व की जानकारी
जोधपुर, 03 नवम्बर (हि.स.)। राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बीकानेर के अंतर्गत संचालित पशु विज्ञान केंद्र द्वारा मंगलवार को ग्राम लूणी में पशुओं में नस्ल सुधार का महत्व विषय पर पशुपालक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम केंद्र के प्रभारी डॉ. सतेंद्र कुमार यादव के निर्देशन में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम के दौरान केंद्र के सहायक आचार्य डॉ. अरविंद कुमार पंवार ने पशुपालकों को पशुओं में नस्ल सुधार की आवश्यकता एवं इसके महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्नत नस्ल के पशुओं का चयन, संतुलित आहार, उचित प्रजनन प्रबंधन तथा वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों को अपनाकर पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि की जा सकती है।
उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान, समय पर गर्भ परीक्षण तथा प्रजनन संबंधी समस्याओं की पहचान के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर पशु चिकित्सालय लूणी के उपनिदेशक डॉ. राजकुमार माथुर ने कहा कि पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने के लिए नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। अच्छी नस्ल के पशुओं से बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने पशुपालकों से वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने, पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करवाने तथा प्रजनन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए पशु चिकित्सकों की सलाह लेने का आह्वान किया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

