दुर्ग की तलहटी में स्थित मानपुरा की खदानों में हो रहे विस्फोट, गूंज रही आवाज और धूल के गुब्बार
चित्तौड़गढ़, 05 फ़रवरी (हि.स.)। धूल के विशाल गुबार, विस्फोट की आवाजें, धड़धड़ाते ट्रैक्टर-डंपर, खदानों में दौड़ती पॉकलेन और जेसीबी मशीनें, पत्थर फोड़ने के लिए चल रही ड्रील मशीनें की आवाजें लगातार सुनाई देती है। साउथ की किसी फिल्म का लगने वाला यह दृश्य कहीं दूर का नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद दुर्ग की तलहटी में चल रही मानपुरा की पत्थर खदानों का है। मानपुरा क्षेत्र में करीब साढ़े चार सौ ज्यादा क्वारी लाइसेंस मौजूद है। लेकिन कुछ साल पहले दुर्ग को होने वाले संभावित नुकसान को देखते हुए उच्च न्यायालय व बाद में उच्चतम न्यायालय ने इस क्षेत्र में ड्रिलिंग विस्फोट पर रोक लगा कर हाथ से ही खनन करने की अनुमति दी है। लेकिन मानपुरा क्षेत्र में इन खदानों में धड़ल्ले से विस्फोट के बाद खनन का कार्य जारी है। ऐसा नहीं है कि यह विस्फोट रात के अंधेरे में या गुपचुप किये जा रहे हो, बल्कि दिन दहाड़े सुबह से शाम तक इस क्षेत्र में धमाके की आवाजें सुनी जा सकती है। इनसे खनन विभाग, जिला प्रशासन या दूसरे महकमें अनजान नहीं है लेकिन कथित मिलीभगत के चलते खुले आम यह कार्य संचालित हो रहा है। इधर, चित्तौड़गढ़ शहर के बीचों-बीच गुजरते धड़धड़ाते तेज गति से चलने वाले यह ट्रैक्टर जहां यातायात में तो बाधक बनते ही है लेकिन अवैध तरीके से विस्फोट के बाद खुदाई कर पत्थर निकालने के बावजूद इन पर किसी का ध्यान नहीं है। बड़ी बात यह है कि सभी ट्रैक्टर कृषि कार्य हेतु पंजीकृत है, जिनका उपयोग व्यवसायिक कार्यों में खुलेआम किया जा रहा है।
मानपुरा क्षेत्र मेंं शिकायतों के बाद करीब साढ़े चार सौ में से 292 खदानों पर एनजीटी ने रोक लगा दी थी। इन्हें शहरी क्षेत्र में माना गया था। वहीं चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक और विश्व विरासत में शुमार दुर्ग पर होने वाले नुकसान को देखते हुए चित्तौड़ दुर्ग की पहले 10 और बाद में 5 किलोमीटर की परिधी में विस्फोट पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। इसके चलते सीमेन्ट कम्पनी की माइनिंग पर भी राेक लग गई थी। लेकिन कुछ समय बंद रहने के बाद मानपुरा क्षेत्र में अवैध विस्फोट से होने वाले खनन का कारोबार धड़ल्ले से जारी है।
चित्तौड़गढ़ के खनि अभियंता ए एस सिद्दीकी ने बताया कि मानपुरा की खदानों में विस्फोट की शिकायत नहीं मिली है। इस तरह की शिकायत या मामला सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल

