जयपुर, जोधपुर और कोटा में भाजपा के महापौर, तीनों निगमों में पार्षदों की संख्या से अधिक मिले वोट
जयपुर, 25 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान के तीन बड़े नगर निगमों में शुक्रवार को महापौर चुनाव के नतीजों के साथ नगरीय राजनीति की तस्वीर साफ हो गई। जयपुर में सुनील कोठारी, जोधपुर में प्रसन्नचंद मेहता और कोटा में अनुसुईया गोस्वामी महापौर चुने गए। तीनों ही नगर निगमों में भाजपा के प्रत्याशियों को पार्टी के निर्वाचित पार्षदों की संख्या से अधिक मत मिले। जयपुर मेयर पद के लिए सुनील कोठारी 89 वोट मिले है। वहीं, कांग्रेस की सुनीता मावर को 60 वोट मिले है। कोठारी को पार्टी के पार्षदों के अलावा 11 अन्य वोट मिले और वे बहुमत का आंकड़ा पार जीते।
जोधपुर में भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता को 53 मत, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सोलंकी को 45 मत मिले। मेहता ने 8 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। चुनाव से पहले जोधपुर निगम में भाजपा के 45 और कांग्रेस के 44 पार्षद थे, जबकि निर्दलीय और अन्य सदस्यों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।
कोटा में भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी ने कांग्रेस की सुनीता सुमन को 65-35 के अंतर से हराया। 100 सदस्यीय निगम में भाजपा के 57 पार्षद और कांग्रेस के 39 पार्षद थे, जबकि चार निर्दलीय थे। परिणाम में गोस्वामी को 65 मत मिलने के बाद कांग्रेस के कुछ पार्षदों के क्रॉस वोटिंग करने की चर्चा सामने आई। जयपुर, जोधपुर और कोटा के परिणामों के बाद प्रदेश के 10 नगर निगमों में से 9 में भाजपा के महापौर हो गए हैं, जबकि बीकानेर में कांग्रेस के महापौर हैं। इससे पहले अजमेर, उदयपुर, अलवर, पाली, भरतपुर और भीलवाड़ा सहित अन्य नगर निगमों में महापौर पद के चुनाव हो चुके थे।
जयपुर में मतदान के दौरान राजनीतिक हलचल भी देखने को मिली। कांग्रेस विधायक रफीक खान को निगम परिसर में प्रवेश से रोके जाने के बाद उन्होंने विरोध जताया और धरने पर बैठ गए। विधायक अमीन कागजी ने भी मतदान केंद्र के भीतर कुछ लोगों के प्रवेश को लेकर सवाल उठाए। रफीक खान ने यह जानने की मांग की कि उन्हें किस आधार पर रोका गया और अंदर जाने वाले अन्य लोगों को किस अधिकार के तहत प्रवेश मिला।
अनुसुईया गोस्वामी की जीत कोटा के लिए एक अलग वजह से भी महत्वपूर्ण रही। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वह कोटा नगर निगम की पहली महिला महापौर बनी हैं। जीत के बाद पदभार ग्रहण करते समय वे भावुक नजर आईं और महापौर की मेज को प्रणाम किया। बाद में वे कार्यकर्ताओं के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आवास भी पहुंचीं।
नगर निकाय चुनाव की इसी कड़ी में सुकेत नगरपालिका में भाजपा के जितेंद्र चोपड़ा अध्यक्ष चुने गए, जबकि श्रीविजयनगर नगरपालिका में कांग्रेस के सुशील मिढ़ा ने अध्यक्ष पद हासिल किया। वहीं सीकर जिले की खाटूश्यामजी नगरपालिका अध्यक्ष पद की मतगणना पर न्यायालय के आदेश के चलते स्थिति अलग बनी हुई है। 21 सितंबर को 20 में से 19 मत डाले गए थे और एक कांग्रेस पार्षद के मतदान में शामिल नहीं होने की बात सामने आई थी।
न्यायालय के निर्देश के बाद डाले गए 19 मतों की ही गिनती होनी थी, लेकिन सत्यापित आदेश की प्रति नहीं मिलने के कारण मतगणना स्थगित कर दी गई।
इस तरह शुक्रवार के परिणामों ने जयपुर, जोधपुर और कोटा—तीनों प्रमुख नगर निगमों में नए महापौर तय कर दिए, जबकि कल 26 सितंबर को उपमहापौर के चुनाव के साथ नगरीय निकायों में नेतृत्व की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

