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अजमेर में निकाय चुनाव से पहले भाजपा-कांग्रेस में बगावत, निर्दलीय मोर्चे के संकेत

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अजमेर में निकाय चुनाव से पहले भाजपा-कांग्रेस में बगावत, निर्दलीय मोर्चे के संकेत


अजमेर, 01 सितंबर (हि.स.)। नगर निकाय चुनाव से पहले अजमेर में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में टिकट वितरण को लेकर असंतोष सामने आया है। भाजपा के कुछ नेताओं ने सामूहिक इस्तीफे की घोषणा करते हुए निर्दलीय मोर्चा बनाने के संकेत दिए हैं। वहीं कांग्रेस में टिकट नहीं मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर पूर्व आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ का पुतला फूंका। दूसरी ओर वार्ड-4 से भाजपा प्रत्याशी मोनिका जैन के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कर उसे खारिज करने की मांग की गई है। पुष्कर में 13 नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद अब 69 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।

भाजपा से जुड़े पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद अरुण शर्मा, पूर्व जिला उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष घीसू गढ़वाल, पूर्व पार्षद रंजन शर्मा और ओबीसी प्रकोष्ठ में सक्रिय अशोक सोनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी से इस्तीफा देने और निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की। भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष सीमा गोस्वामी ने भी वार्ड-52 से निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय किया है। उन्होंने विधायक अनिता भदेल पर टिकट वितरण को लेकर आरोप लगाए।

भाजपा के पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत भी अजमेर उत्तर में विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक वासुदेव देवनानी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। उन्होंने अपनी पत्नी हेमा गहलोत को वार्ड-4 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतारा है।

वार्ड-4 से भाजपा प्रत्याशी मोनिका जैन के नामांकन के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी हेमा गहलोत ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने नगर निगम की ओर से जारी एनओसी पर सवाल उठाते हुए मोनिका जैन का नामांकन खारिज करने की मांग की। गहलोत ने आरोप लगाया कि मोनिका जैन के पति दीपक जैन पर वर्ष 2020 से नगर निगम का करीब 57 लाख रुपये बकाया है, जिसका शपथ पत्र में पूरा विवरण नहीं दिया गया। उन्होंने मोनिका जैन के जाति प्रमाण पत्र की जांच की मांग भी की है। आपत्ति धर्मेंद्र गहलोत ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की।

अजमेर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस का टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व पदाधिकारी तौसीफ पठान सहित मुस्लिम समाज के लोगों ने अंदरकोट क्षेत्र में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट वितरण में स्थानीय कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर बाहरी प्रत्याशी को मौका दिया गया है।

तौसीफ पठान ने कांग्रेस के खिलाफ बगावती तेवर अपनाते हुए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के टिकट पर नामांकन भी दाखिल किया है। धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि टिकट मिलने पर लोग उत्साहित होते हैं और टिकट नहीं मिलने पर नाराजगी स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि वे नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलेंगे।

पुष्कर नगर परिषद चुनाव के लिए जमा 86 नामांकन पत्रों की मंगलवार को निर्वाचन अधिकारी गुरु प्रसाद तंवर की अगुवाई में जांच की गई। जांच के दौरान 13 नामांकन पत्र निरस्त किए गए। इनमें ऐसे दावेदार भी शामिल थे, जिन्होंने भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था, लेकिन संबंधित दलों की ओर से उनके नाम पर अधिकृत टिकट और सिंबल जारी नहीं किया गया था।

नामांकन निरस्त होने के बाद अब पुष्कर में 69 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें भाजपा और कांग्रेस के 25-25 तथा 19 निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। इनमें चार प्रत्याशियों ने दो-दो नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। नाम वापसी की अंतिम तिथि 3 सितंबर है। इसके बाद चुनाव मैदान में रहने वाले प्रत्याशियों की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष