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राजस्थान के नाै नगर निगमों में भाजपा के डिप्टी मेयर, जयपुर में पहली बार महिला के हाथ कमान

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राजस्थान के नाै नगर निगमों में भाजपा के डिप्टी मेयर, जयपुर में पहली बार महिला के हाथ कमान


जयपुर, 26 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान के नगर निकाय चुनाव के बाद अब नगर निगमों में उपमहापौर के चुनाव भी पूरे हो गए हैं। जयपुर, जोधपुर और कोटा में हुए उपमहापौर चुनाव के साथ प्रदेश के 10 नगर निगमों में से 9 में भाजपा के उपमहापौर चुने गए हैं। पाली में लॉटरी से निर्दलीय प्रत्याशी महबूब टी के पक्ष में परिणाम गया। परिणामों के अनुसार भाजपा ने सात में से छह उपमहापौर पद जीते थे, जबकि पाली में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे।

जयपुर नगर निगम में सरोज कंवर भाजपा की पहली महिला उपमहापौर बनीं। उन्होंने कांग्रेस के सलमान मंसूरी को 31 मतों के अंतर से हराया। सरोज कंवर को 89 वोट मिले, जबकि सलमान मंसूरी के खाते में 58 वोट आए। कुल 150 पार्षदों में से 149 ने मतदान किया। इस परिणाम के साथ जयपुर नगर निगम में भाजपा के महापौर सुनील कोठारी के बाद अब उपमहापौर पद भी भाजपा के खाते में चला गया है। जयपुर, जोधपुर और कोटा में भाजपा के महापौर भी चुने जा चुके हैं।

जोधपुर नगर निगम में भाजपा के विजय सिंह पंवार उपमहापौर निर्वाचित हुए। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल करीम जॉनी को चार वोट से पराजित किया। पंवार को 52 और जॉनी को 48 वोट मिले। परिणाम सामने आते ही समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और विजय सिंह पंवार को कंधे पर बिठाकर खुशी जताई।

कोटा नगर निगम में उपमहापौर पद का चुनाव मुकाबले के बिना ही समाप्त हो गया। भाजपा के विवेक राजवंशी निर्विरोध उपमहापौर चुने गए। कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी नहीं उतारे जाने के कारण मतदान की स्थिति नहीं बनी। उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा से पहले ही समर्थकों ने जश्न शुरू कर दिया था। नाचते-गाते समर्थकों के बीच नोट उड़ाने का वीडियो भी सामने आया।

इससे पहले सात नगर निगमों में उपमहापौर के चुनाव हो चुके थे। इनमें उदयपुर से दिनेश भट्ट, अलवर से अजय पूनिया, अजमेर से हेमंत सांखला, बीकानेर से पंकज गहलोत, भरतपुर से अंबिका सैनी और भीलवाड़ा से राधेश्याम सोमानी भाजपा से निर्वाचित हुए। अजमेर में फैसला लॉटरी से हुआ, जबकि भीलवाड़ा में भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए। पाली में निर्दलीय महबूब टी ने लॉटरी के जरिए उपमहापौर पद हासिल किया।

उपमहापौर और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव संपन्न होने के साथ ही पार्षदों की बाड़ेबंदी का दौर भी समाप्त हो गया। मतदान और परिणाम घोषित होने के बाद संबंधित निकाय क्षेत्रों में लागू आचार संहिता भी हट गई।

जयपुर, जोधपुर और कोटा के महापौर चुनाव 25 सितंबर को हुए थे, जबकि उपमहापौर चुनाव इसके बाद कराए गए।

जोधपुर में भाजपा पार्षदों को बाड़ेबंदी के करीब 14 दिन बाद उनके मोबाइल वापस मिलने की जानकारी भी सामने आई। मतदान के बाद परिवार और समर्थक पार्षदों को लेने पहुंचे और ढोल-नगाड़ों के बीच स्वागत किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित