बीकानेर का बढ़ा मान : अभय जैन ग्रन्थालय के निदेशक ऋषभ नाहटा का राष्ट्रीय मंच पर सम्मान
बीकानेर, 01 मार्च (हि.स.)। मरुधरा की सांस्कृतिक राजधानी बीकानेर के लिए आज अत्यंत गौरव का क्षण रहा, जब जयपुर में आयोजित अखिल भारतीय मठ-पीठाधीश्वर समागम के भव्य समारोह में बीकानेर के प्रतिष्ठित अभय जैन ग्रन्थालय के निदेशक ऋषभ नाहटा का संत समाज द्वारा सम्मान किया गया।
श्रीमद्जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य जी के 825वें प्राकट्योत्सव के उपलक्ष्य में हो रहे 108 कुंडीय श्री राम महायज्ञ एवं ज्ञान भारतम् मिशन संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार व मंदिर श्री रघुनाथ ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में महंत हरि शंकर दास जी महाराज वेदांती जी द्वारा नाहटा काे दुर्लभ जैन, वैदिक एवं संत साहित्य की पांडुलिपियों के संरक्षण, सुव्यवस्थित संकलन तथा डिजिटाइजेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
यह भव्य आयोजन पूज्य स्वामी राजेंद्र दास जी देवाचार्य के पावन सान्निध्य तथा जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामकृष्ण आचार्य जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभर से पधारे संत-महंतों, महामंडलेश्वरों एवं आचार्यगणों की उपस्थिति में 15 लाख से अधिक दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन का संकल्प लिया गया।
बीकानेर के अभय जैन ग्रन्थालय द्वारा वर्षों से किए जा रहे पांडुलिपि संरक्षण कार्य को विशेष रूप से सराहा गया और निदेशक ऋषभ नाहटा को अंगवस्त्र व सम्मान-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत संस्कृति मंत्रालय के “ज्ञान भारतम् मिशन” के साथ देश की 215 पांडुलिपि धारक संस्थाओं का ऐतिहासिक अनुबंध हुआ।
इस अवसर पर बीकानेर से मोहित बिस्सा, लवकुमार देराश्री, लक्ष्मीकांत उपाध्याय एवं गौरव आचार्य भी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

