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भोगिशैल परिक्रमा यात्रा 25 से, सेवा व श्रद्धा का दिखेगा संगम

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भोगिशैल परिक्रमा यात्रा 25 से, सेवा व श्रद्धा का दिखेगा संगम


जोधपुर, 23 मई (हि.स.)। मरुधरा की तपोभूमि जोधपुर में सनातन सभ्यता, संस्कृति और अध्यात्म का अद्भुत संगम मानी जाने वाली पौराणिक भोगिशैल परिक्रमा यात्रा इस वर्ष भी श्रद्धा, सेवा और भक्ति के विराट स्वरूप के साथ आयोजित होगी। इस बार भोगिशैल परिक्रमा यात्रा 25 से 31 मई तक निकाली जाएगी। यात्रा के दौरान 54 से अधिक मंदिरों में श्रद्धालु दर्शन लाभ प्राप्त करेंगे। गत सौ वर्षों से हिन्दू सेवा मण्डल जोधपुर द्वारा यह परिक्रमा यात्रा निकाली जा रही है।

परिक्रमा यात्रा आयोजन समिति के संयोजक नरेश जाजड़ा व सचिव विष्णुचन्द्र प्रजापत ने बताया कि यह परिक्रमा यात्रा पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) में आयोजित होती है। इस वर्ष ज्येष्ठ मास अधिक होने के कारण यह यात्रा 25 मई से 31 मई तक अधिक मास की ज्येष्ठ शुक्ल दशमी से पूर्णिमा तक सम्पन्न होगी। उन्होंने बताया कि सनातन धर्म में एक वर्ष में बारह मास होते हैं, लेकिन सूर्य और चन्द्रमा की गति के समन्वय हेतु प्रत्येक तीन वर्ष में एक अधिक मास आता है। यह मास भगवान श्री विष्णु को समर्पित होने के कारण पुरुषोत्तम मास कहलाता है। धर्मशास्त्रों में इसे सभी मासों का राजा कहा गया है। इस पावन काल में मांगलिक कार्य नहीं होते, अपितु तप, जप, पूजा, साधना और अध्यात्म का विशेष महत्व रहता है। इस वर्ष की परिक्रमा यात्रा में सैनाचार्य अचलानंदगिरी महाराज के सानिध्य में हेमलता राज्ये भी एक सामान्य श्रद्धालु पदयात्री के रूप में सम्मिलित होंगी। यात्रा के अंतिम दिवस उम्मेद भवन में पूर्व राजपरिवार द्वारा समस्त यात्रियों का स्वागत एवं सेवा-सत्कार किया जाएगा।

यह रहेगा परिक्रमा यात्रा कार्यक्रम

भोगिशैल परिक्रमा यात्रा 25 मई को हिन्दू सेवा मण्डल कार्यालय घण्टाघर में ध्वज पूजन के साथ यात्रा प्रारम्भ होगी। यात्रा नई सडक़, सोजती गेट, मोहनपुरा पुलिया, पुलिस लाइन होते हुए भाटी चौराहा पहुंचेगी। परिक्रमा ध्वज का दिन एवं रात्रि विश्राम भाटी चौराहा रहेगा। अगले दिन 26 मई को परिक्रमा ध्वज रिक्तियां भैरूजी, जलजोग चौराहा, बारहवीं रोड, पाल रोड, मसूरिया बाबा रामदेव मंदिर, पाल लिंक रोड, जूना खेड़ापति बालाजी, नाइयों की बगीची, चौपासनी रोड प्रथम पुलिया होते हुए चौपासनी पहुंचेगी। श्रद्धालुओं का दिन एवं रात्रि विश्राम चौपासनी क्षेत्र में रहेगा। तीसरे दिन 27 मई को सुबह चौपासनी से प्रस्थान कर यात्रा हथकरघा भवन, दंताल माता मंदिर, श्रीजी बैठक, कच्छवाहा चौराहा, अरना तीर्थ, झरना तालाब, भदरेसिया, हाड़माता मंदिर, कदमकंडी की सीढिय़ां होते हुए बड़ली पहुंचेगी। अगले दिन 28 मई को यात्रा बड़ली से प्रस्थान कर केरू-बेरू रोड, सोढ़ों की ढाणी, रूपावतों का बेरा, कुई बावड़ी, भूरी बेरी, अक्षरधाम मंदिर, पन्नालाल गौशाला, बृहस्पति कुण्ड होते हुए वैद्यनाथ महादेव मंदिर पहुंचेगी। विश्राम वैद्यनाथ महादेव क्षेत्र में रहेगा। फिर 29 मई को सुबह पांच बजे वैद्यनाथ महादेव से प्रस्थान कर यात्रा वैद्यनाथ पगडण्डी, मंडलनाथ महादेव, कुण्डली माता, बीएसएफ, जोगी तीर्थ, दईजर माता मंदिर होते हुए बेरीगंगा पहुंचेगी। दिन एवं रात्रि विश्राम बेरीगंगा क्षेत्र में रहेगा। छठे दिन 30 मई को यात्रा बेरीगंगा से प्रस्थान कर निम्बली तीर्थ, निम्बा तीर्थ, मण्डोर रेलवे स्टेशन बालाजी, काला-गोरा भैरूजी मंदिर होते हुए मण्डोर उद्यान पहुंचेगी। विश्राम मण्डोर उद्यान में रहेगा। अंतिम दिन 31 मई को सुबह मण्डोर से प्रस्थान कर यात्रा भुवनेश्वरी माता मंदिर, सन्तोषी माता, राम मोहल्ला, कागा तीर्थ, शीतला माता मंदिर, महामंदिर, शक्ति नगर, बीजेएस रेलवे लाइन, बनाड़ रोड, शेखावतजी का तालाब, मिलिट्री एरिया, उम्मेद भवन, गणेश मंदिर, रातानाड़ा पुलिस लाइन, मोहनपुरा पुलिया, सोजती गेट, घास मंडी, कंदोई बाजार, कटला बाजार, कपड़ा बाजार, सर्राफा बाजार एवं जूनी मंडी होते हुए गंगश्याम मंदिर पहुंचेगी। तत्पश्चात हिन्दू सेवा मण्डल कार्यालय घण्टाघर में परिक्रमा ध्वज के साथ यात्रा का विधिवत समापन होगा।

सेवा और आतिथ्य का अनुपम संगम

परिक्रमा आयोजन समिति के मुख्य मेला अधिकारी राकेश गौड़ ने बताया कि यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत हेतु 60 से अधिक सेवा समितियां अतिथि देवो भव: की भावना से पलक-पांवड़े बिछाए खड़ी रहेंगी। श्री मित्र सेवा समिति, मारवाड़ दुग्ध उत्पादक संघ, घांची समाज, सैन समाज, भारत सेवा संस्थान, सुदर्शन सेवा समिति, श्री कृष्ण हिन्दू सेवा समिति, कुम्हार समाज, अग्रवाल समाज, मेघवाल समाज सहित अनेक संस्थाओं द्वारा श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क भोजन, चाय, नाश्ता, शीतल जल, नींबू पानी, शरबत एवं ठंडाई की व्यवस्था की जाएगी।

तीन सौ से अधिक कार्यकर्ता देंगे सेवाएं

आयोजन समिति के कोषाध्यक्ष कैलाश जाजू ने बताया कि यात्रा के सफल संचालन हेतु 300 से अधिक कार्यकर्ता अपनी सेवाएं देंगे। इन कार्यकर्ताओं के लिए अलग-अलग कलर के टीशर्ट की व्यवस्था रहेगी। प्रधान महेश कुमार जाजड़ा, प्रेमराज खीवसरा, ओमप्रकाश जोशी, हस्तीमल सारस्वत, भेरूप्रकाश दाधीच, तुलसीदास वैष्णव, सुरेन्द्र सांखला सहित सैकड़ों कार्यकर्ता सेवा कार्य में समर्पित रहेंगे। प्रतिदिन सुबह परिक्रमा ध्वज के साथ पदयात्रा प्रारम्भ होगी, जिसका नेतृत्व स्वयंसेवक मंत्री ताराचंद शर्मा करेंगे। सह संयोजक यातायात महेन्द्र सिंह तंवर के नेतृत्व में श्रद्धालुओं का सामान एक विश्राम स्थल से दूसरे विश्राम स्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था रहेगी। साथ ही वृद्ध, अस्वस्थ एवं दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष बस सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश