भीलवाड़ा-बांसवाड़ा प्रसूता मौत मामले की विशेषज्ञ टीम करेगी पड़ताल, लापरवाही मिली तो होगी सख्त कार्रवाई
जयपुर, 11 जुलाई (हि.स.)। भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में हाल ही में हुई प्रसूताओं की मौत के मामलों को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने शनिवार को कहा कि दोनों घटनाओं के वास्तविक कारणों की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय की विशेषज्ञ टीम मौके पर भेजी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि सोमवार को प्रदेश के सभी वरिष्ठ गायनिक विशेषज्ञों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें दोनों मामलों की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक उपायों पर चर्चा होगी। विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निर्णय किए जाएंगे। वहीं मंगलवार को चिकित्सा मंत्री भीलवाड़ा का दौरा कर हालात की समीक्षा करेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। छह दिनों के दौरान जिन पांच महिलाओं की मौत हुई, उनमें प्रत्येक की मृत्यु अलग-अलग चिकित्सकीय जटिलताओं के कारण हुई। किसी भी मामले में मौत का कारण ऑपरेशन थिएटर संक्रमण नहीं पाया गया।
उन्होंने साफ किया कि अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर संख्या-2 का 29 जून को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत माइक्रो-बायोलॉजिकल कल्चर कराया गया था। 30 जून को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद एहतियात के तौर पर ओटी को तत्काल बंद कर दिया गया और उसके बाद वहां कोई ऑपरेशन नहीं किया गया।
सरकार के अनुसार पांचों मामलों की चिकित्सकीय स्थिति अलग-अलग थी। एक महिला की हृदयाघात (मायोकार्डियल इन्फार्क्शन) से मौत हुई, जो प्रसूता भी नहीं थी। एक प्रसूता का ऑपरेशन हुआ ही नहीं और उसकी मृत्यु गंभीर संक्रमण, एनीमिया एवं हाइपोवोलेमिक शॉक जैसी जटिलताओं से हुई। एक महिला की मौत पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म के कारण हुई। एक मरीज गंभीर अवस्था में रेफर होकर आई थी और उसकी मृत्यु सिंड्रोम एवं एक्लेम्पसिया जैसी जटिलताओं से हुई।
एक अन्य प्रसूता की मृत्यु प्रसवोत्तर अत्यधिक रक्तस्राव और डीआईसी के कारण हुई।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विशेषज्ञ टीम उपचार प्रक्रिया, दवाओं की गुणवत्ता, ऑपरेशन थिएटर एवं उपकरणों में संक्रमण की स्थिति, मरीजों की मॉनिटरिंग और अस्पताल की कार्यप्रणाली सहित सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी। जांच पूरी तरह पारदर्शी और तथ्यों के आधार पर होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत किया जाएगा। सरकार सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

