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30वें भामाशाह सम्मान समारोह में फूलियाकलां का बढ़ा मान

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30वें भामाशाह सम्मान समारोह में फूलियाकलां का बढ़ा मान


भीलवाड़ा, 29 जून (हि.स.)।

भीलवाड़ा जिले के फूलियाकलां कस्बे के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब सोमवार को जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में आयोजित 30वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह-2026 में केस परियोजना (सेंटर फॉर एकेडमिक एंड स्पोर्ट्स एक्सीलेंस) को शिक्षा एवं खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा प्रदान किया गया।

भामाशाह सत्यनारायण लड्ढा की ओर से उनके नामित प्रतिनिधि एवं श्री कल्याण सेवा संस्थान, फूलियाकलां के अध्यक्ष सुभाषचंद्र लड्ढा तथा उनकी धर्मपत्नी बीना देवी लड्ढा ने यह सम्मान ग्रहण किया। सम्मान समारोह में जैसे ही फूलियाकलां का नाम पुकारा गया, उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका अभिनंदन किया। इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है।

यह सम्मान श्री कल्याण राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, फूलियाकलां में संचालित केस परियोजना के अंतर्गत शिक्षा और खेल अवसंरचना के विकास में दिए जा रहे उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया। करीब 21 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रही यह महत्वाकांक्षी परियोजना ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शैक्षणिक एवं खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।

परियोजना के तहत विद्यालय में आधुनिक शिक्षण संसाधन, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग सिस्टम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल मैदान और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु कई उन्नत सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं को बेहतर मंच देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना है।

जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि राजस्थान की गौरवशाली धरती पर भामाशाह परंपरा केवल दान की परंपरा नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व, सेवा और भविष्य निर्माण की महान भावना का प्रतीक रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भामाशाहों द्वारा किया गया सहयोग हजारों विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि भामाशाहों के उदार सहयोग से प्रदेश के विद्यालयों में न केवल मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है, बल्कि छात्र-छात्राओं के मन में आगे बढ़ने और कुछ बड़ा करने का आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र में समाज की सहभागिता भविष्य के सशक्त राजस्थान की आधारशिला है।

इस अवसर पर शिक्षा जगत में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अनेक भामाशाहों को सम्मानित कर उनका अभिनंदन किया गया। समारोह में स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव, माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद् और गणमान्यजन उपस्थित रहे।

फूलियाकलां की केस परियोजना को मिला यह राज्य स्तरीय सम्मान केवल एक संस्थान की उपलब्धि नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है। यह सम्मान उन प्रयासों का अभिनंदन है जो छोटे कस्बों और गांवों के विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देने के लिए निरंतर किए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद