वासना और लोभ का त्याग कर आत्म चिंतन करें : साध्वी ऋतंभरा
बीकानेर, 27 फ़रवरी (हि.स.)। सनातन धर्म रक्षा समिति के बैनर तले पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में चल रही श्रीमद्भागवत कथा और 51 कुंडीय विश्व शांति महायज्ञ में शुक्रवार को साध्वी ऋतंभरा ने कहा, इस दुनिया में कोई चिरस्थाई नहीं है। इसलिए वासना और लोभ का त्याग कर आत्म चिंतन करें कि अब से केवल ऐसा ही काम करूंगा कि मुझे हरि अपनी शरण में ले लें। साध्वी ने श्रद्धालुओं को पौधरोपण करने और प्लास्टिक से दूर रहने का संकल्प दिलवाया। उन्होंने कहा कि किसी के कल्याण के लिए बोला गया झूठ गलत नहीं होता, लेकिन बार बार बोले जाने वाले झूठ किसी का हित नहीं कर सकता।
साध्वी ने इंद्र के प्रकोप, गोवर्धन पूजा, गोपिकाओं द्वारा किए विलाप, कंस वध और बलराम व श्रीकृष्ण रूक्मिणी विवाह आदि के प्रसंग सुनाए।
सनातन धर्म रक्षा समिति के कार्यक्रम अध्यक्ष अनिल सोनी (झूमर सा) ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा में सींथल पीठाधीश्वर क्षमाराम जी महाराज भी पहुंचे। इससे पहले कैलाश छंगाणी, सुनील जोशी, डाक्टर एसपी जोशी, राजेन्द्र सिंह शेखावत, जतिन मानसिंह, घनश्याम जाजू, राकेश जाजू, दशरथ सिंह शेखावत, आकाश टाक ने सपत्नीक श्रीमद्भागवत की आरती की। कथा समाप्ति के बाद साध्वी ऋतंभरा सनातन धर्म रक्षा समिति के संस्थापक सुरेंद्र सिंह राजपुरोहित के निवास खेतेश्वर बस्ती पहुंची। वहां पर साध्वी ऋतंभरा का सत्कार किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

