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दस दिन में दूसरी बार अंतिम संस्कार में मधुमक्खियों का हमला

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दस दिन में दूसरी बार अंतिम संस्कार में मधुमक्खियों का हमला


चित्तौड़गढ़, 27 मार्च (हि.स.)। जिले के बेगूं उपखंड क्षेत्र में आने वाले पारसोली गांव में शुक्रवार को भी अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। इसके बाद अंतिम संस्कार में हड़कंप मच गया। लोग शव छोड़ मौके से सुरक्षित स्थानों पर भागे। इस हमले में 20 से 25 लोगों के डंक लगने की जानकारी सामने आई है। कुछ घायलों को उपचार के लिए पारसोली चिकित्सालय ले जाया गया। कुछ लोगों ने पानी में कूद कर पानी जन बचाई। बाद में परिवार के सदस्य पीपीई कीट पहन कर पहुंचे और अंतिम संस्कार की रस्में निभाई। गौरतलब है कि पारसोली में गत दिनों भी अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई तथा 50 से अधिक घायल हो गए थे।

पारसोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ राहुल धाकड़ ने बताया कि कुछ लोगों को मध्यखियों ने डंक मारे थे। इस पर घायलों को उपचार के लिए पारसोली चिकित्सालय लाया गया था। सभी का यहां प्राथमिक उपचार किया गया। कोई भी बहुत ज्यादा गंभीर नहीं था। ऐसे में प्राथमिक उपचार के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई। घायल और इनके साथ आए ग्रामीणों से जानकारी ली तो सामने आया कि मोक्षधाम में अंतिम संस्कार के लिए गए थे। तभी मधुमक्खियों का हमला हो गया था। ग़ौरतलब है कि गत 17 मार्च को भी जमनालाल शर्मा की भी निकट गांव में हवन के दौरान मधुमक्खियों के हमले में मौत हो गई थी। इनका 18 मार्च को पारसोली मोक्षधाम में अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया था। इसमें 4 दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे, जिनमें से 5 गंभीर घायलों को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। यहां जिला चिकित्सालय में भवानीशंकर शर्मा की मौत हो गई थी।

बेगूं उपखंड क्षेत्र के पारसोली निवासी देऊबाई गुर्जर का शुक्रवार को निधन हो गया था। इस पर परिजन एवं ग्रामीणों शव को मोक्षधाम ले गए। यहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के दौरान चिता तैयार करने के लिए लकड़ियां जमा रहे थे। तभी मधुमक्खियों ने परिजनों और ग्रामीणों पर हमला कर दिया। अचानक हुए मधुमक्खियों के हमले से एक बार फिर श्मशान घाट पर अफरा तफरी का माहौल हो गया। मधुमक्खियों के हमले से करीब दो दर्जन लोगों के डंक लगने की जानकारी सामने आई है। घटना के तुरंत बाद घायलों को पारसोली चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां घायलों का उपचार किया गया।

इधर, मृतका के परिजन भी मौके से जान बचाने के लिए भागे। इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को मिली। इस पर अंतिम संस्कार की क्रिया के लिए परिजनों से बात की। चिकित्सा विभाग से चार पीपीई कीट मंगवाए गए। चार परिजनों को पीपीई कीट पहना कर मोक्षधाम भेजा। यहां परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल