मोबाइल गुम या चोरी हो तो तुरंत बैंकिंग और सिम कराएं सुरक्षित
जयपुर, 04 सितंबर (हि.स.)। मोबाइल गुम या चोरी होने पर सिर्फ उसे तलाशना ही पर्याप्त नहीं है। मोबाइल में बैंकिंग, यूपीआई, ओटीपी, ई-मेल, सोशल मीडिया और निजी दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी होने के कारण साइबर अपराध का खतरा भी रहता है। ऐसे में राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने मोबाइल गुम होते ही अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि मोबाइल आज बैंकिंग और डिजिटल भुगतान समेत कई महत्वपूर्ण सेवाओं का माध्यम बन गया है। इसलिए मोबाइल गुम होते ही सही क्रम में कार्रवाई करना जरूरी है। पुलिस ने सबसे पहले दूसरे मोबाइल या कंप्यूटर से एंड्रॉयड के ‘फाइंड माई डिवाइस’ अथवा आईफोन के ‘फाइंड माई आईफोन’ की मदद से फोन को रिमोट लॉक करने की सलाह दी है। इसके बाद बैंक की आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या कस्टमर केयर के माध्यम से मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और डिजिटल वॉलेट को अस्थायी रूप से ब्लॉक या सुरक्षित करवाने को कहा गया है। इसके साथ ही बैंक खाते के लेन-देन पर नजर रखने और किसी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी मिलने पर तत्काल बैंक को सूचित करने की सलाह दी गई है। मोबाइल सेवा प्रदाता से संपर्क कर गुम हुए सिम को भी तुरंत बंद करवाने और उसी नंबर का डुप्लीकेट सिम लेने को कहा गया है, क्योंकि मोबाइल नंबर का इस्तेमाल ओटीपी और अकाउंट रिकवरी में हो सकता है।
पुलिस ने सुरक्षित डिवाइस से जीमेल, ई-मेल, सोशल मीडिया समेत अन्य महत्वपूर्ण खातों के पासवर्ड बदलने, रिकवरी ई-मेल और मोबाइल नंबर जांचने तथा पुराने या अनजान डिवाइस से सभी खातों को लॉगआउट करने की सलाह दी है। महत्वपूर्ण खातों में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) सक्रिय रखने को भी कहा गया है। मोबाइल गुम या चोरी होने पर नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने और मोबाइल का आईएमईआई नंबर सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। पुलिस शिकायत के बाद सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर पोर्टल के माध्यम से आईएमईआई ब्लॉक कराया जा सकता है, जिससे गुम या चोरी हुए मोबाइल के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

