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ट्रेनों में पटाखे ले जाना वर्जित, तीन साल तक की सजा का प्रावधान

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ट्रेनों में पटाखे ले जाना वर्जित, तीन साल तक की सजा का प्रावधान


जोधपुर, 05 नवम्बर (हि.स.)। दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने ट्रेनों और रेलवे परिसर में पटाखे, आतिशबाजी तथा अन्य ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर सख्ती बढ़ा दी है। रेलवे ने यात्रियों से ऐसी वस्तुएं साथ नहीं रखने की अपील की है, जिनसे आग लगने या दुर्घटना का खतरा हो।

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि पटाखे, फुलझडिय़ां, अनार,र ॉकेट, गैस सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल और केरोसिन जैसे खतरनाक पदार्थ ट्रेन के यात्री डिब्बों और पार्सल में ले जाना प्रतिबंधित है। इस पर निगरानी के लिए स्टेशनों, ट्रेनों और पार्सल कार्यालयों में जांच बढ़ाई गई है। रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और रेलवे कर्मचारी सीसीटीवी, बैगेज स्कैनिंग तथा डॉग स्क्वॉड की मदद से संदिग्ध सामान की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह नियम पूरे भारतीय रेलवे में लागू है और हर साल त्योहारों पर दोहराया जाता है ताकि आग और दुर्घटना का खतरा न रहे।

सुरक्षित यात्रा के लिए पटाखे आदि घर से या स्थानीय बाजार से ही लें, ट्रेन में न लाएं। उन्होंने बताया कि यात्रियों से ट्रेन अथवा रेल परिसर में धूम्रपान नही करने के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है तथा इसके लिए टिकट चेकिंग स्टाफ को नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने वाले यात्रियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं जिसके तहत धूम्रपान करने वाले यात्री से संशोधित जन विश्वास अधिनियम के अंतर्गत दो हजार रुपए जुर्माना का प्रावधान है। उल्लेखनीय है कि रेलवे अधिनियम की धारा 164 के तहत ट्रेन में खतरनाक वस्तुएं अवैध रूप से ले जाने पर तीन साल तक कारावास या एक हजार रुपए तक जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। वहीं जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम,2026 के तहत धारा 165 में अलग श्रेणी की प्रतिबंधित वस्तुओं के लिए न्यूनतम 10 हजार रुपए की शास्ति का प्रावधान किया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश