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सोरायसिस के उपचार में आयुर्वेद प्रभावी चिकित्सा पद्धति: डॉ. जोशी

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सोरायसिस के उपचार में आयुर्वेद प्रभावी चिकित्सा पद्धति: डॉ. जोशी


जोधपुर, 10 जून (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर आयुर्वेद संस्थान (पीजीआईए) के सेमिनार हॉल में सोरायसिस का आयुर्वेदिक प्रबंधन विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित करवाया गया। यह अतिथि व्याख्यान अथर्व ग्लोबल एकेडमी ऑफ़ आयुर्वेद राजकोट से हुए एमओयू के अंतर्गत हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अथर्व मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल, राजकोट के निदेशक एवं वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. गौरांग जोशी रहे।

अपने व्याख्यान में डॉ. जोशी ने सोरायसिस की आयुर्वेदिक अवधारणा, रोगोत्पत्ति, निदान एवं उपचार के विभिन्न आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद रोग के केवल लक्षणों का उपचार नहीं करता, बल्कि उसके मूल कारणों की पहचान कर शरीर के समग्र संतुलन को स्थापित करने का प्रयास करता है। उन्होंने सोरायसिस के प्रबंधन में आहार-विहार, जीवनशैली संशोधन, पंचकर्म चिकित्सा तथा आयुर्वेदिक औषधियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष जोर दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल ने कहा कि ऐसे विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं चिकित्सकों को विषय की गहन समझ प्रदान करने के साथ-साथ नवीन चिकित्सीय अनुभवों एवं अनुसंधान आधारित दृष्टिकोण से परिचित कराते हैं।

कार्यक्रम में सीएचआरडी निदेशक डॉ. राकेश कुमार शर्मा, संजीवनी आयुर्वेद चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. ए नीलिमा रेड्डी, विभागाध्यक्ष स्नातकोत्तर अगद तंत्र प्रो. ऋतु कपूर, डॉ. रश्मि शर्मा, डॉ. अरुण दाधीच, डॉ. राजीव सोनी, डॉ. गजेंद्र दुबे, डॉ. अचलाराम कुमावत, डॉ. अशोक यादव सहित संकाय सदस्य एवं स्नातकोत्तर अध्येता उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश