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गायत्री परिवार के छह केंद्रों पर 3 हजार श्रद्धालुओं ने दी 72 हजार आहुतियां

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गायत्री परिवार के छह केंद्रों पर 3 हजार श्रद्धालुओं ने दी 72 हजार आहुतियां


जयपुर, 20 अक्टूबर (हि.स.)। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में मंगलवार को शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर शहर के छह प्रमुख केंद्रों और शाखाओं पर लघु अनुष्ठान की पूर्णाहुति हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। इस आध्यात्मिक महापर्व के दौरान लगभग तीन हजार श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण की भावना के साथ करीब 72 हजार आहुतियां प्रदान कीं। इस दौरान सभी केंद्रों पर विजयादशमी के उपलक्ष्य में परंपरा के तहत शस्त्र पूजन भी किया गया।

मुख्य आयोजन व्यवस्थापक सोहन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में ब्रह्मपुरी स्थित शक्तिपीठ पर हुआ। यहाँ नौ कुंडीय गायत्री हवन का आयोजन किया गया, जिसमें पाँच पारियों में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यज्ञ भगवान को आहुतियां अर्पित कीं। विजयादशमी के अवसर पर यहाँ विधि-विधान से शस्त्र पूजन भी संपन्न हुआ।

किरण पथ स्थित इस केंद्र पर गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल के निर्देशन में नौ कुंडीय हवन हुआ। यहाँ करीब एक हजार श्रद्धालुओं ने आहुति देकर विश्व शांति और कल्याण की कामना की।

गायत्री चेतना केंद्र दुर्गापुरा में पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। तीन पारियों में चली आहुतियों के दौर के साथ ही यहाँ कन्या पूजन और कन्या भोजन का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें करीब 350 परिजनों ने सहभागिता निभाई।

इस अवसर पर केंद्र पर एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली, जहाँ 27 कार्यकर्ताओं ने घर-घर तक ज्ञान और उपयोगी साहित्य पहुँचाने के लिए 'झोला पुस्तकालय' संचालित करने का संकल्प लिया। प्रांतीय ट्रस्टी एवं जोनल प्रतिनिधि डॉ. प्रशांत भारद्वाज ने सभी संकल्पि कार्यकर्ताओं को मंत्र पट्टिका ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य जनजागरण को बढ़ावा देना और साहित्य के माध्यम से सकारात्मक विचारों को जन-जन तक पहुँचाना है।

राजधानी के अन्य प्रमुख केंद्रों गायत्री शक्तिपीठ वाटिका, गायत्री शक्तिपीठ कालवाड़, गायत्री चेतना केंद्र जनता कॉलोनी और वैशाली नगर में भी शारदीय नवरात्र अनुष्ठान की पूर्णाहुति पर हवन-पूजन और धार्मिक अनुष्ठान पूरी श्रद्धा के साथ संपन्न हुए।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश