home page

कुलगुरु का पदभार ग्रहण कर प्रो. नरसी राम बिश्नोई बाेले :  शिक्षा, अनुसंधान एवं रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देना प्राथमिकता

 | 
कुलगुरु का पदभार ग्रहण कर प्रो. नरसी राम बिश्नोई बाेले :  शिक्षा, अनुसंधान एवं रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देना प्राथमिकता


कुलगुरु का पदभार ग्रहण कर प्रो. नरसी राम बिश्नोई बाेले :  शिक्षा, अनुसंधान एवं रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देना प्राथमिकता


बीकानेर, 25 सितंबर (हि.स.)। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के नव-नियुक्त कुलगुरु प्रोफेसर नरसी राम बिश्नोई ने शुक्रवार को कुलगुरु पद का कार्यभार ग्रहण किया। राजस्थान के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रोफेसर बिश्नोई को तीन वर्ष की अवधि अथवा 70 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो, तक के लिए विश्वविद्यालय का कुलगुरु नियुक्त किया गया है।

विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी उमेश शर्मा ने बताया कि प्रोफेसर नरसी राम बिश्नोई को उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में लगभग 30 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। इससे पूर्व वे गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार तथा चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा के कुलपति के रूप में महत्वपूर्ण अकादमिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं।

प्रो. बिश्नोई के प्रमुख शोध क्षेत्रों में पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी, जैव ऊर्जा एवं जैव उपचार तथा पर्यावरणीय स्थिरता शामिल हैं। उनके द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 298 शोध पत्र, शोध आलेख एवं पुस्तकें प्रकाशित की जा चुकी हैं। उनका स्कोपस एच-इंडेक्स 41 तथा गूगल स्कॉलर एच-इंडेक्स 50 है।

कार्यभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कुलगुरु प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने विद्यार्थियों से नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित होकर अध्ययन करने का आह्वान किया। उन्होंने महाविद्यालयों से भी शिक्षकों की नियमानुसार नियुक्ति सुनिश्चित करते हुए अध्यापन व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का आग्रह किया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में प्रो. बिश्नोई ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अंत्योदय की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों को कौशल विकास एवं आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाना विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों में भेजकर व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा, ताकि उनकी शिक्षा को रोजगार एवं कौशल विकास से जोड़ा जा सके।

कुलगुरु प्रो. बिश्नोई ने कहा कि विश्वविद्यालय में नवीन एवं रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने, नियमित शिक्षकों की भर्ती तथा अनुप्रयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) योजना के माध्यम से प्राप्त होने वाले अनुदानों का प्रभावी उपयोग करते हुए विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों की प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक एवं अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को बदलते रोजगार परिदृश्य के अनुरूप तैयार किया जा सके।

कुलगुरु ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर को हरा-भरा, स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त रखना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में रहेगा। पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय परिवार को जागरूक करते हुए परिसर में हरित एवं सतत विकास से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालय को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास एवं रोजगारपरक शिक्षा का प्रभावी केंद्र बनाने की दिशा में मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव