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'आरोहण' कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष का आह्वान: राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण

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'आरोहण' कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष का आह्वान: राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण


जयपुर, 09 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी राष्ट्रीय पूंजी है और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का आधार संस्कारित, कर्तव्यनिष्ठ एवं चरित्रवान विद्यार्थी हैं। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने, गरीबों के प्रति संवेदनशील रहने तथा अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया।

वे गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) जयपुर महानगर द्वारा राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर एस.एस. जैन सुबोध आर्ट्स एवं कॉमर्स कॉलेज में आयोजित 'आरोहण' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

अपने संबोधन में देवनानी ने कहा कि विद्यार्थी सामाजिक परिवर्तन के वाहक होते हैं। युवाओं को भारत की ज्ञान परंपरा को समझते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग भारतीय संस्कृति और मूल्यों के अनुरूप करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा अपने कार्यों की निरंतर समीक्षा करें और उसी आधार पर अपने भविष्य का निर्धारण करें।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि चरित्रवान और राष्ट्रनिष्ठ युवा ही भारत का स्वरूप बदल सकते हैं। आज भी उनके विचार राष्ट्र निर्माण के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं।

विधानसभा अध्यक्ष ने अपने विद्यार्थी जीवन को याद करते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से उनका सार्वजनिक जीवन प्रारंभ हुआ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ कार्य करते हुए उन्हें राष्ट्रसेवा, अनुशासन, संगठन और समाज के प्रति समर्पण का संस्कार मिला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी होना केवल आयु का विषय नहीं, बल्कि जीवनभर सीखते रहने की निरंतर प्रक्रिया है।

उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी आधुनिक तकनीक और वैश्विक ज्ञान से जुड़ा है, लेकिन उसे अपनी संस्कृति, भाषा, परंपरा और भारतीय जीवन मूल्यों से भी समान रूप से जुड़े रहना होगा। यही संतुलन भारत को विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाता है।

कार्यक्रम के दौरान वासुदेव देवनानी ने अनुशासन और समय की पाबंदी का भी उदाहरण प्रस्तुत किया। वे निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल पहुंचे और तय 21 मिनट में अपना संबोधन पूरा किया। उन्होंने कहा कि जैसे वे विधानसभा में विधायकों को निर्धारित समय में अपनी बात रखने के लिए प्रेरित करते हैं, वैसे ही स्वयं भी समय का पालन करना अपना दायित्व मानते हैं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभाविप पदाधिकारी एवं शिक्षाविद मौजूद रहे। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रसेवा, चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रेरित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित