दीपावली पर गोविंददेवजी मंदिर में जन्माष्टमी जैसी दर्शन व्यवस्था
जयपुर, 05 नवंबर (हि.स.)। दीपावली पर 8 नवंबर को गोविंददेवजी मंदिर में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए विशेष दर्शन व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालुओं को केवल मंदिर के मुख्य द्वार से प्रवेश दिया जाएगा, जबकि जय निवास बाग की ओर से प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं का निकास जय निवास बाग की ओर से होगा। दीपावली पर मंदिर में जन्माष्टमी की तर्ज पर मंगला से शयन तक सातों झांकियों के दर्शन होंगे।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भारतीय परिधान में आने और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। कंवर नगर और ब्रह्मपुरी की ओर से आने वाले श्रद्धालु जनता मार्केट होते हुए मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंच सकेंगे। दर्शन के बाद निकास मंदिर के पीछे स्थित श्री चिंताहरण हनुमानजी मंदिर की ओर से होगा।
मंदिर के मुख्य सेवादार मानस गोस्वामी ने बताया कि जूते-चप्पल पहनकर आने और बिना जूते-चप्पल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था रहेगी। जूते-चप्पल पहनकर आने वाले श्रद्धालु मंदिर परिसर के बाहर बने रैंप से दर्शन कर सकेंगे, जबकि बिना जूते-चप्पल आने वालों के लिए मंदिर प्रांगण में दर्शन की व्यवस्था रहेगी। मंदिर में जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था नहीं होगी। इसलिए श्रद्धालुओं से इन्हें पहले ही उतारकर आने की अपील की गई है।
मंदिर प्रशासन ने हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित श्रद्धालुओं से भीड़ को देखते हुए मंदिर नहीं आने की अपील की है। श्रद्धालुओं को बैग, थैला और महिलाओं को पर्स लेकर नहीं आने की सलाह दी गई है। महिलाओं से कीमती आभूषण पहनकर आने से बचने को कहा गया है। मंदिर परिसर में कोई संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु दिखाई देने पर तत्काल मंदिर प्रशासन अथवा पुलिस को सूचना देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

