अन्त्योदय कार्ड की जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा
जोधपुर, 04 सितम्बर (हि.स.)। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अंत्योदय श्रेणी का लाभ लेने वाले परिवारों की जांच में जिले में बड़ा मामला सामने आया है। जांच के दौरान 196 ऐसे राशन कार्ड सामने आए हैं, जिनके अंत्योदय श्रेणी में चयन से संबंधित वैध दस्तावेज आवेदन के साथ नहीं मिले। ये परिवार पहले बीपीएल, स्टेट बीपीएल और एपीएल श्रेणी में दर्ज थे और ई-मित्र के माध्यम से अंत्योदय श्रेणी का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। मामला सामने आने के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने संबंधित राशन कार्डधारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिला रसद अधिकारी द्वितीय जोधपुर ने बताया कि संबंधित परिवार यदि निर्धारित अवधि में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करवाते हैं तो उनसे अब तक प्राप्त गेहूं की राशि 32 रुपए प्रति किलो की दर से वसूल की जाएगी। विभाग की ओर से राशन काडों की पात्रता की जांच के दौरान दस्तावेजों का सत्यापन किया गया, जिसमें इन 196 कार्डों में अंत्योदय श्रेणी के लिए जरूरी प्रमाण नहीं पाए गए। जिला रसद अधिकारी द्वितीय जोधपुर ने बताया कि शेरगढ़ से 91, बालेसर 10, सेखाला से 45, औसिया से 16, तिंवरी से 17, भोपालगढ से 12 तथा चामू से 05 श्रेणी परिवर्तन के मामले सामने आये है। इस तरह जिला जोधपुर (द्वितीय) में कुल 196 कार्ड जांच के दायरे में आए हैं।
सामान्य परिवार और अंत्योदय में बड़ा अंतर
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत सामान्य एपीएल और बीपीएल परिवारों को प्रति सदस्य प्रतिमाह 5 किलो गेहूं दिया जाता है। वहीं अंत्योदय परिवार को प्रति राशन कार्ड 35 किलो गेहूं प्रतिमाह उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में अंत्योदय श्रेणी में शामिल होने पर मिलने वाले खाद्यान्न की मात्रा अलग निर्धारित होती है। इसी कारण विभाग की ओर से अंत्योदय श्रेणी में शामिल परिवारों की पात्रता और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
सात दिन में प्रस्तुत करने होंगे दस्तावेज
उन्होंने बताया कि विभागीय निर्देशों के अनुसार इन परिवारों का गेहूं वितरण फिलहाल बंद कर दिया है और उन्हें स्पष्टीकरण नोटिस जारी किए हैं। संबंधित परिवारों को नोटिस प्राप्त होने के सात दिन के भीतर जिला रसद कार्यालय में उपस्थित होकर अंत्योदय श्रेणी में चयन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। उन्होंने बताया कि विभाग ने केवल राशन कार्डधारियों को ही नहीं, बल्कि ई-मित्र संचालकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए है। ई-मित्र संचालकों को केवल वैध दस्तावेजों के आधार पर ही अंत्योदय श्रेणी के आवेदन करवाने के लिए पाबंद किया है। जांच में किसी ई-मित्र संचालक की ओर से बिना वैध दस्तावेज के आवेदन करवाने या नियमों की अनदेखी की बात सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

