पांच शताब्दी से अधिक प्राचीन विश्व विख्यात भांडाशाह जैन मंदिर में 12 को वार्षिक ध्वजा उत्सव
बीकानेर, 09 अक्टूबर (हि.स.)। पांच शताब्दी से अधिक प्राचीन, विश्व विख्यात भांडाशाह जैन मंदिर में 12 अक्टूबर सोमवार को सकल श्री संघ के सहयोग से श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास की ओर से वार्षिक ध्वजा उत्सव, संगीतमय सतर भेदी पूजा के साथ मनाया जाएगा।
श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष हरीश नाहटा ने बताया कि मंदिर के मूलनायक जैन धर्म के पांचवें तीर्थंकर भगवान सुमति नाथ की सतरह भेदी पूजा सुबह नौ बजे शुरू होगी, उसके बाद भांडाशाह जिनालय के विभिन्न मंदिरों में नई ध्वजा चढाई जाएगी तथा साधर्मिक भक्ति का आयोजन होगा।
नाहटा ने बताया कि भारत सरकार के पुरातत्व सर्वेंंक्षण द्वारा संरक्षित, ऊंचाई, भित्तिचित्रों व कलाकृतियों के लिए प्रसिद्ध भांडाशाह जैन मंदिर का निर्माण संवत 1571 में भांडाशाह जैन व उनके परिजनों ने बनवाया था। मंदिर की नींव में देशी घी का उपयोग किया गया है। जैन श्वेताम्बर भांडशाह जैन मंदिर का निर्माण ईस्वी सन 1514-15 यानि 512 वर्ष पूर्ण करवाया गया था, बाद में समय-समय पर इसका जीर्णोद्धार करवाया गया । उन्होंने बताया कि तीन मंजिला यह मंदिर सुंदर प चित्रकारी, भित्ति चित्रों और अलंकृत दर्पण (फ्रेस्को दर्पण कार्य,)तथा परिक्रमा में उकेरी गई मूर्तियों के कारण प्रसिद्ध है। लाल बालुआ, दुलमेरी पत्थरों से निर्मित भांडाशाह जैन मंदिर के गर्भगृह व रंग मंडप के स्तंभ व छत पर स्वर्ण रंग सुन्दर चित्रकारी, है। दीवारों पर जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों के जीवन आदर्शों व संदेशों को चित्रित किया हुआ है।
नाहटा ने बताया कि भांडाशाह जैन मंदिर एक संरक्षित स्मारक है, वर्ष 1951 में भारत सरकार के पुरातत्व विभाग ने एक अधिसूचना जारी कर इसे संरक्षित किया । इसका प्रबंधन व संरक्षण वर्षों से श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास कर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

