(अपडेट) आनासागर के मुद्दे पर अजमेर बंद, कांग्रेस का प्रदर्शन और भाजपा का श्रमदान
अजमेर, 23 जुलाई (हि.स.)। ऐतिहासिक आनासागर झील के संरक्षण, मूल स्वरूप की पुनर्स्थापना और पर्यावरणीय समस्याओं को लेकर गुरुवार को कांग्रेस के आह्वान पर अजमेर बंद रहा। शहर के कई प्रमुख बाजार बंद रहे, जबकि भाजपा ने लगातार दूसरे दिन आनासागर झील पर श्रमदान और सफाई अभियान चलाकर कांग्रेस के आंदोलन का जवाब दिया। झील संरक्षण के मुद्दे पर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज रहा।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौड़, पूर्व विधायक डॉ. श्रीगोपाल बाहेती, रामचंद्र चौधरी, महेंद्र सिंह रलावता, द्रोपदी कोली, राजेश टंडन सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर व्यापारियों और आमजन से बंद का समर्थन करने की अपील की। कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने दुकानदारों को फूल भेंट कर सहयोग का अनुरोध किया। कुछ स्थानों पर बैंक बंद कराने, रिक्शों से यात्रियों को उतरने का आग्रह करने तथा पेट्रोल पंपों पर प्रदर्शन की घटनाएं भी सामने आईं।
कांग्रेस का आरोप है कि आनासागर झील में मछलियों की मौत, बढ़ते प्रदूषण और दुर्गंध से शहरवासियों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है तथा झील संरक्षण के नाम पर केवल प्रतीकात्मक गतिविधियां की जा रही हैं। डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा कि यह जनता का आंदोलन है और शहर के जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
शहर कांग्रेस प्रवक्ता शैलेश गुप्ता ने बताया कि बंद से अस्पताल, मेडिकल स्टोर, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को मुक्त रखा गया। बंद को विभिन्न व्यापारिक, सामाजिक और परिवहन संगठनों का समर्थन मिला। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
वहीं भाजपा ने लगातार दूसरे दिन भी आनासागर झील पर श्रमदान और सफाई अभियान चलाया। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि झील की वर्तमान स्थिति के लिए कांग्रेस स्वयं जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने झील में गिरने वाले गंदे नालों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के दौरान आनासागर एस्केप चैनल के लिए प्रस्तावित राशि का अन्य कार्यों में उपयोग किया गया।
रमेश सोनी ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के प्रयासों से झील की डी-सिल्टिंग का कार्य स्वीकृत हुआ, लेकिन कांग्रेस ने इसमें कानूनी बाधाएं उत्पन्न कीं। उन्होंने कहा कि डी-सिल्टिंग से झील की जलधारण क्षमता बढ़ेगी, जलकुंभी की समस्या कम होगी और जल की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने कांग्रेस पर निकाय चुनावों से पहले इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अजमेर बंद से व्यापारियों और मजदूर वर्ग को अनावश्यक परेशानी हुई।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

