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इनबाउंड टूरिज्म को नई दिशा देने की पहल, “इन्क्रेडिबल इंडिया 4.0” का रोडमैप जारी

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इनबाउंड टूरिज्म को नई दिशा देने की पहल, “इन्क्रेडिबल इंडिया 4.0” का रोडमैप जारी


जयपुर, 27 अप्रैल (हि.स.)। भारत के पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में ईवाई इंडिया ने फिक्की के सहयोग से ‘रीइमेजनिंग इनबाउंड टूरिज्म इन इंडिया’ रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट “इन्क्रेडिबल इंडिया 4.0” के तहत एक रणनीतिक और दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत करती है, जिसका उद्देश्य देश में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या और खर्च को बढ़ाना है।

रिपोर्ट के अनुसार भारत अपनी पर्यटन यात्रा के एक अहम मोड़ पर खड़ा है। सांस्कृतिक विविधता और अनगिनत अनुभवों के बावजूद इनबाउंड टूरिज्म अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच पाया है। जहां घरेलू पर्यटन मजबूत बना हुआ है, वहीं अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या और उनका खर्च अपेक्षाकृत कम है, जो सुधार की बड़ी संभावना दर्शाता है।

रिपोर्ट में राज्यों के बीच बिखरी ब्रांडिंग, अनुभव-आधारित पैकेजिंग की कमी, उच्च लागत, सीमित वैश्विक मार्केटिंग और वीजा व कनेक्टिविटी से जुड़ी समस्याओं को प्रमुख चुनौतियों के रूप में चिन्हित किया गया है। इन कारणों से भारत उच्च-मूल्य वाले विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में पीछे रह जाता है।

हालांकि रिपोर्ट यह भी बताती है कि वैश्विक स्तर पर पर्यटन अब पारंपरिक दर्शनीय स्थलों से हटकर अनुभव-आधारित हो गया है जहां संस्कृति, वेलनेस, खान-पान, आध्यात्मिकता और एडवेंचर जैसे क्षेत्रों में भारत की स्वाभाविक बढ़त है।

रिपोर्ट में एकीकृत राष्ट्रीय ब्रांडिंग, अनुभव-आधारित पर्यटन उत्पादों का विकास, डिजिटल और एआई आधारित इकोसिस्टम, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवा मानक

मूल्य प्रतिस्पर्धा में सुधार जैसे बिन्दु सुझाए गए हैं। साथ ही प्रीमियम पर्यटक, मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस, एग्जीबिशन, सोलो ट्रैवलर्स और महिला यात्रियों जैसे वर्गों पर विशेष फोकस करने की बात कही गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का पर्यटन क्षेत्र वर्तमान में लगभग ₹21 ट्रिलियन का योगदान देता है और 46 मिलियन से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करता है, जिससे यह देश की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तंभ बना हुआ है।

उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि राजस्थान अनुभव-आधारित पर्यटन इकोसिस्टम विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस रिपोर्ट को समयानुकूल बताते हुए कहा कि इससे राज्य और देश के पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

वहीं सुमन बिल्ला ने कहा कि भारत में पर्यटन विकास का अगला चरण राज्य स्तर की पहलों को एकीकृत राष्ट्रीय दृष्टिकोण में जोड़ने पर निर्भर करेगा, जिससे वैश्विक स्तर के डेस्टिनेशन तैयार किए जा सकें।

रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि अगर भारत रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाता है और अनुभव-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देता है, तो वह वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी शक्ति बन सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित