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अमृत स्टेशन योजना के तहत निखरा सोमेसर स्टेशन, ₹19.35 करोड़ से हुआ कायाकल्प

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अमृत स्टेशन योजना के तहत निखरा सोमेसर स्टेशन, ₹19.35 करोड़ से हुआ कायाकल्प


जयपुर, 17 अप्रैल (हि.स.)। शांत प्राकृतिक परिवेश और समृद्ध सांस्कृतिक पहचान के लिए प्रसिद्ध सोमेसर अब रेलवे अवसंरचना के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल अंतर्गत सोमेसर रेलवे स्टेशन का ‘अमृत स्टेशन योजना’ के तहत पुनर्विकास कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। करीब 19.35 करोड़ रुपए की लागत से स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार वर्तमान में सोमेसर रेलवे स्टेशन पर 10 ट्रेनों का ठहराव है और यहां से औसतन 750 यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं। ऐसे में स्टेशन के आधुनिकीकरण से स्थानीय यात्रियों के साथ-साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी।

भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी ‘अमृत स्टेशन योजना’ के तहत स्टेशन के मुख्य भवन का पूर्ण नवीनीकरण किया गया है। यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए प्रवेश और निकास द्वारों को भव्य रूप दिया गया है। स्टेशन परिसर को आकर्षक बनाने के लिए बाहरी दीवारों पर विशेष लाइटिंग और सौंदर्यीकरण कार्य किया गया है।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टेशन पर आधुनिक बैठने की व्यवस्था, डिजिटल सूचना बोर्ड, हाई-लेवल प्लेटफॉर्म और नए शेड स्थापित किए गए हैं। साथ ही बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे रात्रि में भी यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पुनर्विकास कार्य में दिव्यांगजन की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्टेशन पर टैक्टाइल पाथ, रैंप, समर्पित पार्किंग और विशेष शौचालयों का निर्माण किया गया है, ताकि सभी वर्गों के यात्रियों को समान रूप से सुविधा मिल सके।

यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्टेशन पर ‘कैटल गार्ड’ लगाए गए हैं। इसके अलावा लिफ्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे प्लेटफॉर्म तक पहुंच आसान हो गई है। स्टेशन के बाहर सर्कुलेटिंग एरिया का भी व्यापक सौंदर्यीकरण किया गया है, जिससे यातायात और पार्किंग व्यवस्था अधिक व्यवस्थित हो सके। सोमेसर स्टेशन के इस कायाकल्प का उद्देश्य केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार नहीं, बल्कि क्षेत्र के पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करना है। बेहतर रेलवे सुविधाओं से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश