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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 9 करोड़ के कथित फर्जीवाड़े का खुलासा, 162 फर्जी किसानों का नेटवर्क सामने आया

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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 9 करोड़ के कथित फर्जीवाड़े का खुलासा, 162 फर्जी किसानों का नेटवर्क सामने आया


हनुमानगढ़, 07 मई (हि.स.)। जिले के पल्लू क्षेत्र में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत करीब नौ करोड़ रुपये के कथित फर्जी बीमा क्लेम का बड़ा मामला सामने आया है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा द्वारा एसबीआई पल्लू शाखा में की गई अचानक जांच के दौरान 162 कथित फर्जी किसानों के नाम पर बीमा करने का खुलासा हुआ। मंत्री के हस्तक्षेप से करोड़ों रुपये की बीमा क्लेम राशि जारी होने से पहले ही रोक दी गई।

प्राथमिक जांच में सामने आया कि बाहरी व्यक्तियों के बचत खाते खोलकर उन्हें ऋणी किसान दर्शाया गया और खरीफ 2025 में मूंगफली फसल का बीमा करवाया गया। आरोप है कि इस प्रक्रिया में फर्जी खसरा नंबर, मुरब्बा नंबर और कृषि भूमि रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया गया।

प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार 162 व्यक्तियों के बैंक खाते खोलकर उन्हें ऋणी किसान के रूप में दर्शाया गया। फर्जी भूमि रिकॉर्ड के आधार पर फसल बीमा करवाया गया और करोड़ों रुपये के क्लेम तैयार किए गए।

गजनेर तहसील प्रशासन की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित व्यक्तियों के नाम पर राजस्व रिकॉर्ड में कोई कृषि भूमि दर्ज नहीं है।

कृषि मंत्री ने बैंक की पल्लू शाखा पहुंचकर शाखा प्रबंधन से सीधे सवाल किए। उन्होंने पूछा कि क्या संबंधित व्यक्तियों का फसल बीमा शाखा के माध्यम से किया गया है और क्या वे वास्तविक ऋणी किसान हैं। शाखा प्रबंधन द्वारा पुष्टि के बाद मंत्री ने भूमि रिकॉर्ड और जमाबंदी प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन मौके पर स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके।

कृषि मंत्री ने दावा किया कि इसी सप्ताह लगभग 9 करोड़ रुपये का बीमा भुगतान जारी होने वाला था, जिसे समय रहते रोक दिया गया। यदि यह भुगतान हो जाता, तो यह राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ा बड़ा वित्तीय घोटाला बन सकता था। इस मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना भूमि सत्यापन बीमा कैसे स्वीकृत हुआ? बैंक ने ऋणी किसान की पात्रता किस आधार पर तय की? बीमा कंपनी ने दस्तावेजों का सत्यापन क्यों नहीं किया? फर्जी खसरा और मुरब्बा नंबर सिस्टम में कैसे दर्ज हुए?

कृषि मंत्री ने संबंधित शाखा प्रबंधक, बैंक कर्मियों, संदिग्ध खाताधारकों और संभावित रूप से शामिल बीमा अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, खातों को फ्रीज करने तथा पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। मामला सामने आने के बाद बैंकिंग, कृषि, बीमा और राजस्व विभागों में व्यापक हलचल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित