देवस्थान विभाग द्वारा प्रबंधित सभी मंदिर आमजन के दर्शनों के लिए खुले हैं - देवस्थान मंत्री
जयपुर, 24 फ़रवरी (हि.स.)। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि देवस्थान विभाग द्वारा 938 मंदिरों को प्रबंधित एवं नियंत्रित किया जाता है। ये सभी राजकीय मंदिर एवं देवालय आमजन के दर्शनों के लिए खुले हैं। उन्होंने कहा कि गत दो वर्ष से कोई मंदिर बंद नहीं है।
देवस्थान मंत्री कुमावत प्रश्नकाल के दौरान सदस्य श्रीचन्द कृपलानी द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा के मांडल में स्थित देवनारायण मंदिर देवस्थान विभाग के अधीन नहीं है। मंदिर को रिसीवरी में लेने के बाद यहां सुरक्षा की दृष्टि से दीवार ऊंची कर गेट पर ताला लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एक वाद भीलवाड़ा के न्यायालय में लंबित है, जिसकी प्रथम सुनवाई 16 मई 2024 को हुई है। इस मामले में अगली सुनवाई 10 मार्च 2026 को होगी। इस प्रकरण में अब तक 16 बार सुनवाई हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में राज्य सरकार कोर्ट के निर्णय की पालना करेगी।
मंत्री कुमावत ने बताया कि देवस्थान विभाग के अंतर्गत राजकीय प्रत्यक्ष श्रेणी के 390, आत्मनिर्भर श्रेणी के 203 तथा सुपुर्द श्रेणी के 343 मंदिर हैं। इसी प्रकार मंदिर मंडल अधिनियम के अंतर्गत, टेंपल बोर्ड के 2 मंदिर हैं। इन सभी मंदिरों का नियंत्रण, व्यवस्था, जिर्णोद्धार आदि कार्य विभाग द्वारा किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि अन्य मंदिरों में यह कार्य संस्थाओं, ट्रस्ट अथवा स्थानीय निवासियों द्वारा सामूहिक रूप से किए जाते हैं। इससे पहले विधायक कृपलानी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में देवस्थान मंत्री ने बताया कि देवस्थान विभाग द्वारा प्रबंधित एवं नियंत्रित ऐसे कोई भी राजकीय मंदिर तथा देवालय नहीं है जो 2 वर्ष से अधिक समय से आमजन के दर्शनों के लिए नहीं खोले गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देवस्थान विभाग द्वारा प्रबंधित एवं नियंत्रित कोई भी राजकीय मंदिर/देवालय बंद नहीं है।
मंत्री कुमावत ने कहा कि देवस्थान विभाग के अधीन राजकीय मंदिर आमजन के लिए सदैव दर्शनों हेतु निर्धारित समयानुसार खुले रहते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

