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माहेश्वरी सेवा सदन पुष्कर में फिर उभरे मतभेद, 7 पदाधिकारियों के इस्तीफे से कृष्ण भवन लोकार्पण पर संशय

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माहेश्वरी सेवा सदन पुष्कर में फिर उभरे मतभेद, 7 पदाधिकारियों के इस्तीफे से कृष्ण भवन लोकार्पण पर संशय


अजमेर, 13 अप्रैल (हि.स.)। अखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन पुष्कर की प्रबंध कार्यकारिणी में मतभेद एक बार फिर सार्वजनिक हो गए हैं। अध्यक्ष रामकुमार भूतड़ा के विरोध में सात पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद 15 अप्रैल को प्रस्तावित नवनिर्मित कृष्ण भवन के लोकार्पण समारोह पर संशय की स्थिति बन गई है।

जानकारी के अनुसार 30 हजार सदस्यों वाली इस संस्था में पिछले छह माह से अध्यक्ष भूतड़ा को पद से हटाने की मांग को लेकर विरोध चल रहा है। 12 अप्रैल को सात पदाधिकारियों वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैलाश सोनी, मंत्री मुरलीधर, गोपाल बंग, संजय जैथलिया, भगवान बंग, सोहनलाल मूंदड़ा और प्रचार मंत्री भागीरथ भूतड़ा ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। विरोधियों को संस्था के पूर्व अध्यक्ष श्यामसुंदर बिड़ला और जुगलकिशोर बिड़ला का समर्थन भी मिला है।

विरोधी पक्ष का आरोप है कि अध्यक्ष भूतड़ा का कार्यकाल गत वर्ष दिसंबर में समाप्त हो चुका है, लेकिन वे व्यक्तिगत कारणों से पद पर बने हुए हैं। उनका कहना है कि कार्यकाल बढ़ाने का दावा जिस साधारण सभा के आधार पर किया जा रहा है, उसके एजेंडे में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं था। वहीं वर्तमान अध्यक्ष रामकुमार भूतड़ा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि साधारण सभा में विधिवत कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव पारित हुआ था और विरोध करने वाले कुछ लोग विकास कार्यों में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में 150 कमरों वाली धर्मशाला का निर्माण संस्था की बड़ी उपलब्धि है और इसका लोकार्पण जल्द कराया जाएगा, जिसके बाद चुनाव की घोषणा की जाएगी।

इस बीच 15 अप्रैल को पुष्कर में नवनिर्मित 57 कमरों और भव्य सभागार युक्त कृष्ण भवन के लोकार्पण का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास, अयोध्या धाम के कोषाध्यक्ष एवं संत गोविंददेव गिरी महाराज के 14 अप्रैल को पुष्कर आगमन और 15 अप्रैल को लोकार्पण करने का कार्यक्रम निर्धारित है। हालांकि प्रबंध कार्यकारिणी के सदस्यों का कहना है कि वे समारोह में बाधा नहीं डालना चाहते, लेकिन यदि इसी मंच से चुनाव की घोषणा की जाती है तो समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा।

पूर्व अध्यक्ष जुगलकिशोर बिड़ला ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में अध्यक्ष भूतड़ा को तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए, ताकि मार्गदर्शक मंडल संस्था के कार्यों को सुचारू रूप से संचालित कर सके। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष अधिकांश सदस्यों का विश्वास खो चुके हैं और संस्था सामूहिकता से चलती है, किसी एक व्यक्ति से नहीं।

उल्लेखनीय है कि संस्था के देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर धर्मशालाएं संचालित हैं और वर्तमान विवाद के चलते आगामी कार्यक्रमों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष