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खण्डीप गांव में आंदोलन के दौरान रेलवे ट्रैक अवरुद्ध करने के मामले में रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई

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खण्डीप गांव में आंदोलन के दौरान रेलवे ट्रैक अवरुद्ध करने के मामले में रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई


काेटा, 24 जून (हि.स.)। कोटा मंडल के गंगापुर सिटी क्षेत्र में पंचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर खण्डीप गांव में चल रहे आंदोलन के दौरान रेलवे ट्रैक बाधित करने एवं रेल संचालन में अवरोध उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध रेलवे प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसम्पर्क अधिकारी सौरभ जैन ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्रित हुई तथा कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा समपार फाटक संख्या-192 (एलसी-192) एवं उससे सटे रेलवे क्षेत्र में अनधिकृत रूप से प्रवेश कर रेलगाड़ियों की आवाजाही बाधित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत प्रवेश, ‘रेल रोको’ आंदोलन, रेलवे परिसरों में पटाखे जलाना, नृत्य करना अथवा ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करना गंभीर दंडनीय अपराध हैं। रेलवे संपत्ति को क्षति पहुंचाने अथवा रेल संचालन में व्यवधान उत्पन्न करने वाली किसी भी गतिविधि को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जैन ने बताया कि उक्त घटनाओं के संबंध में रेलवे अधिनियम की धारा 147, 145, 159 एवं 174 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उपद्रवियों एवं कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों की पहचान के लिए रेलवे एवं पुलिस प्रशासन द्वारा आधुनिक तकनीकी संसाधनों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। घटना के दौरान ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी, बॉडी-वॉर्न कैमरों तथा वीडियोग्राफी के माध्यम से एलसी-192 एवं आसपास के क्षेत्र की सतत निगरानी की गई। प्रारंभिक जांच में कई व्यक्तियों की पहचान कर ली गई है, जबकि अन्य की पहचान डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर की जा रही है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका का पृथक रूप से परीक्षण किया जाएगा तथा दोषी पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

रेलवे प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रचार अथवा बहकावे में आकर अपनी सुरक्षा को खतरे में न डालें। संबंधित रेलखंड पर रेलगाड़ियां उच्च गति से संचालित होती हैं, ऐसे में रेलवे ट्रैक पर भीड़ का एकत्र होना न केवल रेल संचालन को प्रभावित करता है, बल्कि प्रदर्शनकारियों एवं आम नागरिकों के जीवन के लिए भी गंभीर जोखिम उत्पन्न करता है।

प्रशासन ने सभी नागरिकों से कानून का पालन करने, शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने तथा रेलवे क्षेत्र से सुरक्षित दूरी बनाए रखने का आग्रह किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव